शेयर बाजार के निवेशकों की होगी चांदी! 3 सरकारी कंपनियां होंगी लिस्ट; क्या है सरकार का पूरा प्लान?
केंद्र सरकार की तरफ से मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान तीन और सरकारी कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट कराने की तैयारी की जा रही है. इन कंपनियों में आईआईएफसीएल, एमसीएल और एसईसीएल हैं. जानिए सरकार के इस पूरे प्लान की खास बात-
अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश करने का प्लान कर रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. जी हां, केंद्र सरकार की तरफ से तीन सरकारी कंपनियों को शेयर बाजार में लिस्ट करने की तैयारी चल रही है. ये तीनों ही कंपनियां पीएसयू (PSUs) हैं. दीपम (DIPAM) सेक्रेटरी अरुणिश चावला ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि इन कंपनियों को बाजार में लाने की पूरी तैयारी चल रही है. सरकार का फोकस ओएफएस (OFS) के साथ-साथ कुछ बड़ी कंपनियों के आईपीओ और लिस्टिंग पर है. आइए जानते हैं उन कंपनियों के बारे में जिनकी लिस्टिंग हो सकती है-
किन तीन कंपनियों की हो रही तैयारी?
सरकार की तरफ से जिन तीन प्रमुख कंपनियों को बाजार में उतारने जा रही है, उनकी डिटेल इस प्रकार है-
- इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (IIFCL) की शुरुआत साल 2006 में हुई. यह पूरी तरह से सरकार के मालिकाना हक वाली वित्तीय संस्था है, जो रोड और बिजली जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को लंबे समय के लिए फंडिंग करती है. आईआईएफसीएल की लिस्टिंग से निवेशकों को देश के इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग सेक्टर में सीधे निवेश का मौका मिलेगा.
- महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) कोल इंडिया की यह सब्सिडियरी कंपनी ओडिशा के संबलपुर में है. यह कंपनी इब वैली कोलफील्ड्स में कोयला खनन से जुड़ा काम संभालती है. इसका ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) पहले ही फाइल किया जा चुका है.
- साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) कोल इंडिया की बड़ी सब्सिडियरी है. इसका हेड ऑफिस छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में है. खासतौर से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में एक्टिव इस कंपनी के आने से निवेशकों को कोल इंडिया के प्रोडक्शन में अलग से इन्वेस्टमेंट का मौका मिलेगा.
दूसरा पब्लिक इन्विट लाने का भी प्लान
तीन पीएसयू लिस्टिंग के अलावा सरकार फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के दौरान दूसरा पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट यानी इन्विट (InvIT) लॉन्च करने को लेकर तैयारी कर रही है. यह ट्रस्ट नेशनल हाइवे के चुनिंगदा हिस्सों पर बेस्ड होगा. इसके अलावा सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी और एलआईसी की हिस्सेदारी बेचने के लिए भी मंजूरी दे चुकी है. आईडीबीआई बैंक से जुड़ी प्रक्रिया फाइनेंशियल ईयर के आखिर तक पूरी होने की उम्मीद है.