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Share Market Crash: शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स ने बनाया 2026 का नया लो, निफ्टी 22,500 के नीचे; ₹8.7 लाख करोड़ स्वाहा

सेंसेक्स 570.59 अंक या 0.79% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ है, जबकि निफ्टी 50 198.50 अंक या 0.88% गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ.

Written By Gaurav Singh
Published: Oct 01, 2026, 03:36 PM IST | Updated: Oct 01, 2026, 04:08 PM IST
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Share Market Crash: 1 अक्टूबर को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को  मिली है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वेस्ट एशिया को लेकर चिंताओं के कारण निवेशकों का भरोसा कम हुआ है. इससे BSE सेंसेक्स इस साल के नए निचले स्तर पर आ गया और निफ्टी 50 भी 2 अप्रैल के बाद पहली बार 22,500 के स्तर से नीचे फिसल गया है. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 500 अंक से अधिक टूटा, जबकि निफ्टी में 190 अंकों से अधिक की गिरावट हुई और प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया है.

दोपहर करीब 2:21 बजे सेंसेक्स 994.05 अंक या 1.37 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,486.24 पर कारोबार कर रहा था. ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण रुपया भी दो महीने के निचले स्तर पर आ गया. सेंसेक्स 570.59 अंक या 0.79% गिरकर 71,909.70 पर बंद हुआ. इंडेक्स 72,192.89 पर खुला और दिन के कारोबार में 71,292.88 के निचले स्तर तक गया. निफ्टी 50 198.50 अंक या 0.88% गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ. यह 22,543.70 पर खुला और दिन के कारोबार में 22,217.30 के निचले स्तर तक गया था.
 

इस बिकवाली के कारण BSE पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन में 8.7 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है. ये बुधवार की क्लोजिंग के समय 473.09 लाख करोड़ रुपये से घटकर 464.38 लाख करोड़ रुपये रह गया था.

आज शेयर बाजार क्यों गिरा?

शेयरों में गिरावट की वजह ब्रेंट क्रूड की कीमतों का $100 प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंचना है. इससे वेस्ट एशिया में सप्लाई में रुकावट और जियोपॉलिटिकल तनाव को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.7% बढ़कर $99.72 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहे थे, क्योंकि ट्रेडर्स अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की संभावना और इस क्षेत्र में सप्लाई में रुकावट के संभावित समाधान का आकलन कर रहे थे.

क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारतीय बाजारों के लिए चिंता का मुख्य विषय बना हुआ है. भारत आयातित तेल पर निर्भर है. क्रूड की ऊंची कीमतें भारत के आयात बिल को बढ़ा सकती हैं और महंगाई, कॉर्पोरेट लागत और देश के फिस्कल आउटलुक पर दबाव डाल सकती हैं.

ऑटो शेयरों में सबसे अधिक गिरावट

त्योहारी सीजन से पहले कंपनियों के नतीजों ने मांग को लेकर चिंता बढ़ा दी. इससे ऑटो शेयरों में सबसे अधिक गिरावट आई है. निफ्टी ऑटो इंडेक्स 3.46% गिरा. सेंसेक्स शेयरों में मारुति सुजुकी 4.59% और M&M 3.27% गिरे. टाटा स्टील 3.01%, ITC 2.56% और पावरग्रिड 2.23% गिरे.

कौन-कौन शेयर सबसे ज्यादा गिरे?

सबसे बड़े नुकसान वाले शेयरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर (2.17% नीचे), एटरनल (1.86% नीचे), L&T (1.85% नीचे), रिलायंस इंडस्ट्रीज (1.81% नीचे), NTPC (1.65% नीचे) और BEL (1.63% नीचे) शामिल थे. निफ्टी 100 में 0.92%, निफ्टी 200 में 0.94% और निफ्टी 500 में 0.97% की गिरावट आई है. 

मिडकैप 50, मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 में 1.11%, 1.01% और 0.97% की गिरावट आई.

रुपया दो महीने के निचले स्तर पर गिरा

भारतीय रुपये पर भी दबाव पड़ा और ये अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.5% गिरकर 96.3150 पर बंद हुआ है. 96 का स्तर पार करने के बाद ये करेंसी में दो महीने से अधिक समय में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी. कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, विदेशी पोर्टफोलियो से पैसे निकलने और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है. सरकारी बैंकों द्वारा डॉलर की बिक्री से गिरावट को रोकने में मदद मिली.

IT शेयरों ने ट्रेंड के उलट प्रदर्शन किया

IT शेयरों ने मार्केट को कुछ सहारा दिया और बेंचमार्क में होने वाले नुकसान को सीमित करने में मदद की है. निफ्टी IT में 2.17% की बढ़त हुई है. इंफोसिस सेंसेक्स में सबसे अधिक बढ़त (4.02%) वाली कंपनी रही, जबकि TCS में 1.43%, एचसीएल टेक में 1.38% और टेक महिंद्रा में 0.40% की बढ़त हुई है. HDFC बैंक में भी 1.36% और कोटक महिंद्रा बैंक में 0.53% की बढ़त देखने को मिली. 

निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स लगभग सपाट बंद हुआ, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 25/50 में 0.46% की गिरावट हुई. निफ्टी मीडिया में 2.33%, मेटल में 2.35%, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1.91%, केमिकल्स में 1.48%, रियल्टी में 1.46% और ऑयल एंड गैस में 1.32% की गिरावट देखने को मिली है.

ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और FII की बिकवाली से मार्केट पर दबाव

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि मार्केट में बिकवाली मुख्य रूप से बाहरी कारणों से हुई. इसमें बॉन्ड यील्ड कई सालों के हाई लेवल पर हैं और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. 

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जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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