अमेरिका समेत दुनियाभर में करोड़ों का नुकसान, भारत का बाजार 502 लाख करोड़ के पार, किसके दम पर सेंसेक्स ने लगाई छलांग
भारतीय शेयर बाजार में लगातार 7वें कारोबारी दिन जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. सेंसेक्स 81,000 अंक प्वाइंट के ऊपर पहुंच गया.
Share Market: दुनियाभर के शेयर बाजार में भारी उठापटक है. अमेरिकी और एशियाई बाजार में तेज बिकवाली हावी है. वॉल स्ट्रीट में क्रैश ने 2.5 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 236 लाख करोड़ रुपये से खाक कर दिए. AI कंपनियों पर सख्त नियमों की आशंका से अमेरिकी और एशियाई शेयर बाजारों में तबाही मच रही है. नैस्डैक 1421 प्वाइंट तक क्रैश हुआ, डाउ जोन्स में 1833 अंकों की गिरावट और S&P 500 इंडेक्स -334.89 प्वाइंट गिर गया.
2.58 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
अमेरिकी बाजार में तबाही का असर एशियाई बाजार पर भी दिखा है. गिरावट के चलते एसएंडपी 500 की कंपनियों की मार्केट वैल्यू करीब 3 लाख करोड़ डॉलर गिर गई.साउथ कोरिया का कोस्पी 8% टूटा,जापान का निक्केई 6% से अधिक गिर गया. सिर्फ अमेरिका के नैस्डैक और दक्षिण कोरिया के कोस्पी की गिरावट को जोड़े, तो मार्केट कैप करीब 2.58 लाख करोड़ डॉलर टूट गया.
भारतीय बाजार में जबरदस्त तेजी
जहां अमेरिकी और एशियाई बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, तो वहीं भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी लौटी है. बीते 7 कारोबारी दिनों में बाजार तेजी के साथ बढ़ा रहा है. इस तेजी ने सेंसेक्स को 81,000 अंक से ऊपर पहुंचा दिया है. कारोबारी दिन के अंत में सेंसेक्स 1,718.01 अंक की तेजी के साथ 81,028.02 और निफ्टी 493.75 अंक की मजबूती के साथ 25,030.35 पर बंद हुआ.
503 लाख करोड़ पर पहुंचा बाजार
बाजार में जबरदस्त खरीदारी का माहौल बना है. विदेशी निवेशकों की खरीदारी के चलते BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 30 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 503 लाख करोड़ रुपए हो गया है. बैंकिंग शेयरों में भी तेजी जारी रही. निफ्टी प्राइवेट बैंक 3.22 फीसदी की तेजी के साथ टॉप गेनर रहे.
आज के टॉप शेयर्स
एमएंडएम, आईसीआईआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, सन फार्मा, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल और इटरनल टॉप गेनर्स थे. सिर्फ पावरग्रिड ही लाल निशान में बंद हुआ.
भारत पर भरोसा
मार्केट के जानकारों का कहना है कि भारतीय शेयर बाजारों ने वैश्विक गिरावट के बावजूद अपनी बढ़त का सिलसिला जारी रखा. इसकी वजह विदेशों में मची उथल-पुथल के बीच निवेशकों की ओर से घरेलू बाजार को एक सुरक्षित ठिकाने के रूप में देखा जाना है. कच्चे तेल की कीमतों में साप्ताहिक गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और रुपए में मजबूती ने भारत के प्रति निवेशकों का आकर्षण और बढ़ा दिया है.
भारत लौट रहे हैं विदेशी निवेशक
अमेरिका , चीन जैसे बड़ा बाजारों में AI निवेशकों के बीच बिकवाली की होड़ मची हुई है. जब अमेरिका और एशिया में टेक शेयर गिर रहे थे, उसी दौरान भारतीय बाजार में खरीदारी देखी हुई. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले 5 कारोबारी दिनों में 35,781 करोड़ रुपये की खरीदारी की है.