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फॉरेक्स रिजर्व गिरा तो रुपये को मजबूत करने के लिए RBI का दांव, रातोंरात जमा किये अरबों डॉलर

रिजर्व बैंक की तरफ से अगस्त 2026 में 43.3 बिलियन डॉलर की रिकॉर्ड खरीदारी की गई. FCNR जमा, गिरते विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये को संभालने के लिए आरबीआई की तरफ से उठाए गए इस कदम का आखिर मतलब क्या है.

Written By Kriyanshu Saraswat
Published: Oct 24, 2026, 03:13 PM IST | Updated: Oct 24, 2026, 03:18 PM IST
Image Credit: (Reuters) रिजर्व बैंक ने अगस्त 2026 में 43.3 बिलियन डॉलर की रिकॉर्ड खरीदारी की है.
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भारतीय रुपये और देश की इकोनॉमी को मजबूती देने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है. पिछले साल के मुकाबले अगस्त महीने में रिजर्व बैंक की डॉलर खरीद 132% बढ़कर 43.3 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई है. इन आंकड़ों से सामने आया कि रिजर्व बैंक ने अगस्त में डॉलर की बंपर खरीद की है. आरबीआई की कुल नेट डॉलर खरीद 132% उछाल के साथ 43.3 अरब डॉलर पर पहुंच गई. जुलाई में यह आंकड़ा महज 18.7 अरब डॉलर का था.

कुल मिलाकर देखें तो अगस्त 2026 में रिजर्व बैंक ने 74.5 अरब डॉलर की खरीद की और 31.2 अरब डॉलर की बिक्री की. पिछले साल अगस्त 2025 में आरबीआई ने एक भी डॉलर नहीं खरीदा था, उस समय केंद्रीय बैंक रुपये को संभालने के लिए डॉलर की बिक्री कर रहा था. डॉलर खरीद में ऐतिहासिक उछाल का अहम कारण FCNR (B) स्वैप सुविधा है. आरबीआई ने एनआरआई (NRI) से योजना के तहत करीब 127 अरब डॉलर जुटाए थे. इसके बाद बैंकों ने इन डॉलर को आरबीआई (RBI) को सौंप दिया और बदले में रुपये ले लिये. इस कारण बाजार में डॉलर की आवक तेजी से बढ़ी और आरबीआई को इतनी बड़ी मात्रा में डॉलर कम करने पड़े.

विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट

एक तरफ रिजर्व बैंक की तरफ से डॉलर खरीद में रिकॉर्ड बना हुआ है. दूसरी तरफ, देश के फॉरेक्स रिजर्व में गिरावट भी दर्ज की जा रही है. पिछले कुछ हफ्ते से फॉरेक्स रिजर्व में गिरावट का सिलसिला जारी है. 16 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में देश का फॉरेक्स रिजर्व 5.01 अरब डॉलर घटकर 721.02 अरब डॉलर रह गया. सितंबर महीने की शुरुआत में यह 785.71 अरब डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर था. इससे साफ है कुछ ही हफ्ते में इसमें करीब 65 अरब डॉलर की गिरावट आई. रुपये को भारी गिरावट से बचाने के लिए भी आरबीआई को बाजार में डॉलर की बिक्री करनी पड़ी.

रुपये की उतार-चढ़ाव और सिस्टम में नकदी को कंट्रोल करने के लिए आरबीआई ने बड़े लेवल पर फॉरवर्ड स्वैप का सहारा लिया. इस कारण रिजर्व बैंक की नेट फॉरवर्ड शॉर्ट पोजीशन पहली बार 200 अरब डॉलर के पार पहुंच गई. केवल एक महीने में ही इसमें 46.3% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई. आरबीआई रुपये को स्थिर रखने के लिए पूरी तरह से जुटा हुआ है.

मजबूत होता भारतीय रुपया

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की मजबूती के लिए आरबीआई की तरफ से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. पिछले दिनों डॉलर के मुकाबले गिरकर करीब 97 रुपये पर पहुंचने वाले रुपये का एक्सचेंज रेट 94.95 रुपये के करीब चल रहा है. रुपये को ज्यादा उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए आरबीआई (RBI) लगातार फॉरेक्स रिजर्व में हस्क्षेप कर रहा है, जिसके चलते देश का फॉरेक्स रिजर्व प्रभावित हुआ है.

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About the Author

क्रियांशु सारस्वत वरिष्ठ बिजनेस जर्नलिस्ट (Business Journalist) हैं, उन्हें डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 साल का अनुभव है. मौजूदा समय में वह Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में बतौर 'असिस्टेंट न्यूज एडिटर' कार्यरत हैं. क्रियांशु को बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, टैक्सेशन, कमोडिटी और सरकारी योजनाओं आदि से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में महारथ हासिल है. Zee News से पहले क्रियांशु ने टाइम्स इंटरनेट, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और अमर उजाला की वेबसाइट में अहम संपादकीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. इस दौरान क्रियांशु ने ऑटो, टेक्नोलॉजी और लाइफस्‍टाइल लीड की जिम्मेदारी संभाली है. अभी क्रियांशु बिजनेस लीड हैं. यूपी से ताल्‍लुक रखने वाले क्र‍ियांशु पत्रकार‍िता में पोस्ट ग्रेजुएट हैं.
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