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Niramal Sitharaman: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 नवंबर 2026 को 250 रुपये का सिक्का जारी किया. वाराणसी के IIT (BHU) में वित्त मंत्री की ओर से ये 250 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया गया. कर्नाटक संगीत के महान संगीतकार और कर्नाटक त्रिमूर्ति के सदस्य मुथुस्वामी दीक्षितार की 250वीं जयंती के मौके पर यह सिक्का जारी किया गया है.
250 रुपये के सिक्के में क्या खास
250 रुपये के ये सिक्का स्मारक सिक्का है. स्मारक सिक्के का वजन 35 ग्राम है. इसे चार धातुओं के मिश्रण से तैयार किया गया है. जिसे करीब 50 प्रतिशत चांदी, 40 प्रतिशत तांबा, 5 प्रतिशत निकल और 5 प्रतिशत जस्ता से तैयार किया गया है.
क्या होता है स्मारक सिक्का
स्मारक सिक्का आम सिक्के से अलग होता है. इसे सरकार खास मौकों पर, महान व्यक्तित्वों की याद में जारी करती है. भारत में पहला आधुनिक स्मारक सिक्का 1964 में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर जारी किया गया था. स्मारक सिक्कों आप बाकी सिक्कों की तरह इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं, हालांकि आप चाहे तो इसे खरीद सकते हैं.
250 रुपये के इस सिक्के को आप चाहे, तो भारत सरकार की वेबसाइट पर जाकर खरीद सकते हैं. अब तक भारत सरकार 150 से अधिक अलग-अलग स्मारक सिक्के जारी कर चुकी है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने RSS के 100 वर्ष पूरे होने पर स्मारक सिक्के जारी किए थे. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में भी 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया गया था.
कौन जारी करता है ये सिक्का
स्मारक सिक्का जारी करने के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के भारत टकसाल विभाग द्वारा फैसला लिया जाता है. किसी के नाम या किसी के चिन्ह पर सिक्का जारी करने के लिए राज्य सरकार या वैधानिक संगठन वित्त मंत्रालय को प्रस्ताव भेजकर जारी करवा सकता है.
250 रुपये के सिक्के की कीमत
आप भले ही इन स्पेशल सिक्कों का इस्तेमाल खरीदारी के लिए नहीं कर सकते हैं, लेकिन इसे अपने कलेक्शन में रख सकते हैं. इन स्पेशल सिक्कों को भारत प्रतिभूति मुद्रण और मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड की वेबसाइट खरीदा जा सकता है. यहां उचित कीमत चुकाकर आप इन सिक्कों को खरीद सकते हैं. इस 35 ग्राम वाले खास स्मारक सिक्के के लिए आपको 6985 रुपये की कीमत चुकानी पड़ सकती है. इस कीमत को देकर आप चाहे, तो इस स्मारक सिक्के को खरीद सकते हैं.
रेगुलर सिक्कों से कितने होते हैं अलग?
सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले स्पेशल सिक्के लीगल टेंडर नहीं होते हैं. इसे आम बाजार में खरीदारी के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है.