'गोविंदा आला रे': 66 KG सोना, 335 KG चांदी से श्रृंगार, 703 करोड़ का इंश्योरेंस...मुंबईचा राजा के ठाठ निराले
Ganeshotsav 2026: मुंबई का मशहूर जीएसबी सेवा मंडल इस साल अपना 72वां गणेशोत्सव मना रहा है. 66 किलो सोने और 335 किलो चांदी से सजे बप्पा के लिए रिकॉर्ड 703.27 करोड़ रुपये का इंश्योरेंस कवर लिया गया है. इसे पहले भी मंडल ने 474 करोड़ रुपये का इंश्योरेंस कवर लिया था.
GSB Seva Mandal Ganeshotsav: हर बार की तरह इस बार भी मायानगरी मुंबई में गणेशोत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इस बार किंग सर्कल स्थित प्रसिद्ध जीएसबी सेवा मंडल ने सुरक्षा और भव्यता के मामले में नया इतिहास रच दिया है. जीएसबी सेवा मंडल ने इस बार 72वें गणेशोत्सव उत्सव के लिए 703.27 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड इंश्योरेंस कवर कराया है. भक्तों की तरफ से अर्पित किये गए श्रद्धा भाव और कीमती गहनों की सुरक्षा के लिए लिया गया यह इंश्योरेंस कवर देशभर में चर्चा का विषय बन गया है.
दरअसल, जीएसबी सेवा मंडल का नाम मुंबई के सबसे अमीर गणपति मंडल में शुमार है. साल 2025 में जीएसबी सेवा मंडल ने 474 करोड़ रुपये का इंश्योरेंस कवर लिया था. इससे पहले 2024 में यह इंश्योरेंस कवर 400 करोड़ रुपये का था. सोने और चांदी के दाम में इजाफे के बाद इस साल इंश्योरेंस की रकम बढ़कर 703.27 करोड़ रुपये हो गई. इस भारी-भरकम बीमा राशि से न केवल बप्पा के आभूषणों की सेफ्टी होगी, बल्कि दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और उनकी संपत्ति की सुरक्षा भी की जाएगी.
कई बहुमूल्य रत्न बप्पा के श्रृंगार में चमकेंगे
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जीएसबी सेवा मंडल के 'महागणपति' का इस बार श्रृंगार बेहद भव्य होने वाला है. बप्पा की प्रतिमा को 66 किलो से ज्यादा सोने के आभूषणों और 335 किलो से ज्यादा चांदी के गहनों से सजाया जाएगा. इसके अलावा इस बार कई बहुमूल्य रत्न भी बप्पा के श्रृंगार में चमकेंगे. ये तमाम आभूषण पिछले कई दशक के दौरान श्रद्धालुओं और सेवादारों की तरफ से बप्पा के चरणों में अर्पित किये गए हैं.
कब कर सकेंगे बप्पा का दर्शन?
इस मंडल की स्थापना 1951 में हुई थी और इस मंडल ने गणेशोत्सव मनाने की शुरुआत 1955 से की थी. इस साल महागणपति का पहला दर्शन, जिसे 'विराट दर्शन' कहा जाता है 12 सितंबर को रात 8 बजे होगा. पांच दिवसीय गणेशोत्सव 14 सितंबर से 18 सितंबर तक धूमधाम से आयोजित किया जाएगा. इस दौरान एक लाख से ज्यादा पूजा और सेवाएं भक्तों की तरफ से पूरी की जाएंगी. गणपति उत्सव के दौरान मंडल की तरफ से भव्य अन्नदान सेवा का भी आयोजन किया जाएगा. पांच दिन में रोजाना 40,000 से ज्यादा श्रद्धालु केले के पत्तों पर महाप्रसाद ग्रहण करेंगे.
पूरी तरह ईको-फ्रेंडली गणेश मूर्ति
इसके अलावा इस बार गणेश मूर्ति पूरी तरह ईको-फ्रेंडली बनाई जा रही है. कागज की बर्बादी रोकने के लिए प्रिंटेड रसीदों की बजाय डिजिटल रसीद सिस्टम अपनाया जा रहा है. देशभर में फेमस जीएसबी सेवा मंडल के संयोजक डॉ. भुजंग पाई ने बताया नवसाला पावणारा विश्वचा राजा (भक्तों की मन्नत पूरी करने वाले राजा) के नाम से प्रसिद्ध बप्पा की मूर्ति का हर साल भव्य श्रृंगार किया जाता है. इस बार इस मूर्ति को 66 किलो से ज्यादा सोने के गहनों और 335 किलो से ज्यादा चांदी व बहुमूल्य रत्नों से सजाया जाता है. आइए जानते हैं मुंबई के अन्य गणेश महोत्सवके बारे में-
लालबागचा राजा
इनकी विशेषता है कि इन्हें 'नवसाचा गणपति' यानी मन्नत पूरी करने वाले बाप्पा कहा जाता है. यह दुनिया का सबसे प्रसिद्ध गणेश मंडल है. यहां दर्शन की दो लाइनें होती हैं- 'मुख दर्शन' और 'चरण स्पर्श'. चरण स्पर्श के लिए भक्त 12 से 24 घंटे तक लाइन में खड़े रहते हैं. हर साल लालबागचा राजा का सिंहासन और लुक रहस्य और मुख्य आकर्षण का केंद्र रहता है.
मुंबईचा राजा
मुंबई में सबसे पहले विशाल गणेश प्रतिमा स्थापित करने की शुरुआत इसी मंडल ने 1928 में की थी. यह मंडल हर साल देश के प्रसिद्ध मंदिरों जैसे केदारनाथ, राम मंदिर या काशी विश्वनाथ के भव्य सेट और पंडाल री-क्रिएशन के लिए जाना जाता है.
चिंचपोकली
1920 में स्थापित इस गणपति मंडल को मुंबई का सबसे पुराना और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध मंडल माना जाता है. इसकी खासियत यह है इसका 'आगमन सोहळा' (बप्पा के आगमन का जुलूस) पूरे महाराष्ट्र में फेमस है. बप्पा के आगमन पर लाखों की भीड़ जुटती है और गुलाल से पूरा इलाका लाल हो जाता है.
अंधेरीचा राजा
अंधेरीचा राजा की खास विशेषता यह है कि इसे मुंबई के पश्चिमी उपनगरों का सबसे बड़ा मंडल माना जाता है. यहां बॉलीवुड अभिनेताओं और हस्तियों का जमावड़ा रहता है. इस मंडल की खास परंपरा है कि इसका विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन न होकर, उसके बाद आने वाली संकष्टी चतुर्थी पर किया जाता है.