IRCTC का बड़ा फैसला, ट्रेन में छापा मारकर चेक होगी खाने की क्वालिटी; मिलेगा रेस्टोरेंट जैसा हाइजेनिक खाना
रेलवे की तरफ से खाने की क्वालिटी में सुधार करने के लिए IRCTC ने ट्रेनों के अंदर खाने की जांच के लिए क्यूसीआई के साथ करार किया है. इसके तहत डिजिटल एविडेंस और सरप्राइज ऑडिट के जरिये खराब खाना देने वाले वेंडर्स पर 24 घंटे के अंदर कार्रवाई की जाएगी.
अगर आप भी आमतौर पर ट्रेन से सफर करते हैं तो यह खबर आपके काम की है. ट्रेन के सफर के दौरान खाने में किसी भी तरह की शिकायत, खराब खाना, बासी स्वाद और गंदगी से परेशान यात्रियों के लिए राहत भरी खबर आई है. भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी (IRCTC) ने कैटरिंग सिस्टम को पूरी तरह ट्रांसपेरेंट और सिक्योर बनाने का बीड़ा उठाया है. लगातार मिल रही शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए रेलवे ने क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के साथ एमओयू (MoU) साइन किया है. इसके तहत ट्रेनों और स्टेशन के कैटरिंग यूनिट्स में बिना बताए चेकिंग होगी और किसी भी तरह की खामी पाए जाने पर 24 घंटे के अंदर एक्शन लिया जाएगा.
ट्रेन से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए खाने से जुड़ी साफ-सफाई और क्वालिटी हमेशा से बड़ा मुद्दा रही है. कई बार यात्रियों को कम क्वालिटी वाला या अनसेफ फूड परोसे जाने की शिकायत आती है. इस तरह की समस्याओं के खात्मे के लिये आईआरसीटीसी ने क्यूसीआई (QCI) के साथ करार किया है. एग्रीमेंट का मकसद ट्रेनों और रेलवे स्टेशन पर मिलने वाले खाने की साफ-सफाई को लेकर कड़े नियम बनाना है.
सर्टिफाइड एक्सपर्ट करेंगे सरप्राइज चेकिंग
नए सिस्टम के तहत क्यूसीआई (QCI) की तरफ से सर्टिफाइड प्रोफेशनल्स की टीमों को तैनात किया जाएगा. ये टीमें बिना किसी को जानकारी दिये ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों का औचक निरीक्षण करने के लिए स्वतंत्र होंगी. चेकिंग हर तीन महीने और छह महीने के अंतपर पर की जाएगी. जरूरत पड़ी तो चेकिंग को पहले भी किया जा सकता है. इस दौरान फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के नियमों और इंटरनेशनल कुकिंग स्टैंडर्ड का पालन कराया जाएगा ताकि अच्छी क्वालिटी का खाना मिल सके.
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डिजिटल सबूत से बंद होगी डेटा में हेराफेरी
अक्सर रिपोर्ट में खाना-पूर्ति देखने को मिलती है. लेकिन रेलवे ने इस बार डेटा से जुड़ी किसी भी हेराफेरी पर रोक लगाने के लिए मॉर्डन डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है. QCI के इंस्पेक्टर एक खास मोबाइल एप्लिकेशन का यूज करेंगे. इस ऐप के जरिये चेकिंग के समय मौके की फोटो क्लिक करना, टाइम-स्टैम्प और जियो-टैगिंग दर्ज करना जरूरी होगा. इस दौरान की गई चेकिंग रिपोर्ट को 24 घंटे के अंदर सिस्टम में अपलोड करना जरूरी होगा. इस प्रक्रिया से रेलवे अधिकारियों को तुरंत खामियों के बारे में पता चल सकेगा और नियम तोड़ने वाले वेंडर्स पर बिना किसी देरी के भारी पेनाल्टी या दूसरी कार्रवाई की जा सकेगी.
5.13 करोड़ रुपये की पेनाल्टी
रेलवे की तरफ से हर दिन करीब 58 करोड़ मील परोसे जाते हैं. पिछले तीन साल के दौरान IRCTC ने शिकायतों के आधार पर कई ठेकेदारों पर कड़ा एक्शन लिया है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक नियमों का उल्लंघन करने वाले वेंडर्स पर 5.13 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इसके अलावा 54 कारण बताओ नोटिस जारी किये गए हैं. छह ठेकेदारों का कॉन्ट्रैक्ट भी पूरी तरह खत्म कर दिया गया है और कई को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. ब्लैकलिस्ट किये गए ठेकेदारों की लिस्ट IRCTC की वेबसाइट पर भी है.
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रेलवे मिनिस्टर ने बताया-सुधार के लिए उठाए कदम
पिछले दिनों राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया था कि ट्रेनों में खाने की क्वालिटी सुधारने के लिए कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं. अब खाना मॉर्डन बेस किचन में तैयार किया जा रहा है. यहां पर रियल टाइम (Real-Time) निगरानी के लिए CCTV लगाए गए हैं. इसके अलावा खाना बनाने के लिए केवल ब्रांडेड कच्चे माल ही यूज किया जा रहा है. बेस किचन में फूड सेफ्टी सुपरवाइजर और ट्रेनों के अंदर IRCTC के सुपरवाइजर तैनात किये गए हैं. पेंट्री कार और बेस किचन में नियमित रूप से डीप क्लीनिंग और पेस्ट कंट्रोल किया जा रहा है.