SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

तेल पर भारी, चीन-रूस की यारी: भारत ने बदला अपना रूट, अब कहां से खरीद रहा सबसे ज्यादा क्रूड? नया गण‍ित समझिए

Russian Oil: रूस से भारत ने तेल की खरीद में गिरावट आई है. सितंबर के आंकड़े यही बता रहे हैं. चीन के साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भारत से तेल पर अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है.

Written By Bavita Jha
Published: Oct 27, 2026, 02:58 PM IST | Updated: Oct 27, 2026, 04:52 PM IST
Image Credit: russia oil importb to india (AI Image)
Join

Russia Oil Import: भारत ऊर्जा जरूरतों को आयात से पूरा करता है. जरूरत का 85 से 90 फीसदी तक कच्चे तेल का आयात करता है. खाड़ी युद्ध शुरू होने के बाद से भारत 40 से अधिक देशों से ऑयल इंपोर्ट कर रहा है, लेकिन रूस भारत का सबसे बड़ा पार्टनर बना रहा. अमेरिका ने रूसी तेल की खरीद पर भारत पर 25 फीसदी टैरिफ तक लगाया, लेकिन भारत ने फिर भी रूस से तेल की खरीद बंद नहीं की. खाड़ी युद्ध शुरू होने के बाद रूस से होने वाला तेल आयात बढ़ गया, लेकिन अब इस इंपोर्ट में गिरावट का ग्राफ दिख रहा है.  

रूस से तेल की खरीद में गिरावट  

भारत की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने रूस से तेल की खरीद घटा दी है. नवंबर 2026 में रूसी तेल की खरीद में गिरावट आई है. दरअसल रूसी तेस पर मिलने वाला डिस्काउंट तो खत्म हुआ ही है, साथ ही साथ  शिपिंग कॉस्ट बढ़ रहा है. जिसके चलते तेल कंपनियां रूसी तेल से दूरी बना रही है.

तेल पर भारत की स्ट्रेटजी  

भारत कई बार ये कह चुका है कि कच्चे तेल को लेकर उसकी रणनीति तय है कि जहां से सस्ता तेल मिलेगा, भारत वहां से तेल खरीदेगा. बीपीसीएल के डायरेक्टर (फाइनेंस) वेत्सा रामकृष्ण गुप्ता ने कहा कि रूस से तेल खरीद में माल झुलाई की ऊंची लागत बड़ी चुनौती बनी हुई है. रूस से तेल पर मिलने वाला डिस्काउंट भी खत्म कर दिया है. ऐसे में कंपनी ने नवंबर में रूस से तेल की खेप में कमी कर दी है. BPCLने जुलाई-सितंबर 2026 में अपनी कुल खरीद में करीब 37% तेल मॉस्को से खरीदा था. अब वो इसमें कटौती कर रहा है.  

तेल पर भारत की रणनीति में बड़ा बदलाव  

भारत ने तेल पर अपनी रणनीति बदल दी है. अब भारत ने रूस से क्रूड की खरीद कम कर मिडिल ईस्ट से खरीद बढ़ा दी है,  

पढ़ें-  2400 टन सोना भरने के बाद चीन में मची गोल्ड की लूट! सर्राफा बाजार में सब्जी मंडी जैसा नजारा
 

चीन की भूमिका भी समझना जरूरी

दरअसल चीन ने ईरानी तेल की उपलब्धता कम होने पर रूस से तेल की खरीद बढ़ा दी है. ऐसे में रूसी तेल की सप्लाई के लिए भारत और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी है. ऐसे में डिस्काउंट कम हुआ है और भारत ने रूस से तेल की खरीद कम कर खाड़ी देशों से खेप बढ़ा दी है.  

रूस से तेल खरीद में गिरावट की वजह क्या है?

कच्चे तेल की कीमत ऊंची बनी हुई है. ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब है. महंगा तेल और ऊपर से  माल ढुलाई की ऊंची लागत के कारण रूसी कच्चे तेल की खेप में कमी आई है.  छूट के बजाए अक्टूबर में रूसी कच्चे तेल की कीमत स्टैंडर्ड कीमत से 12-13 डॉलर प्रति बैरल ज्यादा थी.ऊंची कीमत ने रूसी तेल से दूरी बढ़ा दी है.  

खाड़ी देशों से सस्ता तेल

वहीं खाड़ी देशों से भारत को रूस के मुकाबले सस्ता तेल मिल रहा है. इराक के कार्गो स्टैंडर्ड बेंचमार्क से 25 डॉलर प्रति बैरल तक के डिस्काउंट मिल रहा है. सऊदी अरब, ईरान, कतर  के अलावा वेनेजुएला जैसे देशों से तेल किफायती तेल खरीद रहा है.  पश्चिम एशिया से मिलने वाला कच्चा तेल  अब भारत के लिए व्यावसायिक रूप से ज्यादा फायदेमंद साबित हो रहा है.  

रूस और ईरान से तेल खरीद पर टैरिफ का डर

रूस से तेल खरीद पर अमेरिका के 100 फीसदी टैरिफ का खतरा भी बना हुआ है.  अमेरिका ने लिंडसे ओ. ग्राहम सेंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 पास किया है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस और ईरान से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का अधिकार मिल गया है. भारत भी इस लिस्ट में शामिल है. हालांकि रूस के साथ डीजल डील के बाद अमेरिका ने अप्रैल 2027 तक के लिए रूसी तेल के निर्यात पर अस्थायी छूट दी है.  भारत को अगर प्रतिबंधित तेल की खरीदना है, तो उसके पास रूस और ईरान दो विकल्प है. अब किससे खरीद बढ़ानी है ये किफायती लागत पर निर्भर करेगा.  

रूस से भारत कितना तेल खरीद रहा है?  

भारत और रूस के बीच दशकों के तेल का व्यापार हो रहा है. अगर सिर्फ 2026 की बात करें, तो रूस से भारत के तेल आयात में भारी उतार-चढ़ाव दिखा है, लेकिन मॉस्को हमेशा से भारत का भरोसेमंद साथी बना रहा है. 

 

 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

बवीता झा बिजनेस पत्रकार हैं, उन्हें डिजिटल और टीवी न्यूज़ मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News Hindi (Digital) में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. व्यापार जगत की जटिलताओं और आर्थिक आंकड़ों को आम पाठकों के लिए सरल भाषा में डिकोड करना उनका मजबूत पक्ष है.  • शेयर बाजार • बिजनेस एक्सप्लेनर • पर्सनल फाइनेंस और टैक्सेशन  • कमोडिटी, गोल्ड-सिल्वर ट्रेड• ग्लोबल ट्रेड • जियो इकोनॉमिकस डेवलपमेंट • कारोबार से जुड़ी सरकारी योजना और पॉलिटी • बिजनेस और मार्केट ट्रेंडZee News से पहले बवीता ने नवभारत टाइम्स (NBT) के बिजनेस सेक्शन और Oneindia जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल संस्थानों में इवनिंग शिफ्ट, होम पेज मैनेजमेंट और ट्रेडिंग न्यूज़ की अहम जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं. इसके अलावा महुआ न्यूज़, जनसंदेश और सहारा जैसे टीवी चैनलों में प्रोग्राम प्रोड्यूसर और रनडाउन मैनेजमेंट का उनके पास 4 वर्षों का ठोस अनुभव है.  दिल्ली से पत्रकारिता में स्नातक और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली बवीता, खबरों की सत्यता और वित्तीय मामलों की सटीक रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देती हैं.  बवीता झा से आप bavita.jha@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स  पर https://x.com/youthreporter2 के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. सोशल मीडिया पर कनेक्ट होने के लिए फेसबुक पेज https://www.facebook.com/bavita.jha , इंस्टाग्राम instagram.com/bavita.jha पर जुड़ सकते हैं. बवीता झा की खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES