₹42000 गिरने के बाद क्या अब शांत होगा सोना? चांदी ₹200000 से अधिक सस्ती...गोल्ड-सिल्वर खरीदने का क्या है सही टाइम ?
Gold Rate: दिवाली से पहले सोना-चांदी दोनों लगातार सस्ता हो रहा है. सोना अपने ऑल टाइम हाई से 42000 रुपये तक सस्ता हो चुका है, क्या इसमें और गिरावट आएगी.
Gold-Silver Price Crash: इस धनतेरस-दिवाली पर सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए ये गोल्डन मौका है. सोने-चांदी की कीमत में गिरावट का दौर जारी है. बीते एक हफ्ते में चांदी 13000 रुपये तक सस्ती हो चुकी है. आज बाजार खुलने के साथ ही 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 2300 रुपये के करीब गिर गया.
सोना-चांदी दोनों के गिरे काम
2 नवंबर को सोने की कीमत में बड़ी गिरावट आई. सोना 2282 रुपये से अधिक गिर गया, तो चांदी 1265 रुपये सस्ती हो गई. इंटरनेशनल मार्केट में कॉमैक्स गोल्ड की कीमत 3900 डॉलर प्रति औंस के करीब रही. MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने का भाव 138650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा. घरेलू सर्राफा बाजार की बात करें, तो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर जारी गोल्ड-सिल्वर की कीमत कुछ इस तरह से रही है.
- 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमत 137772 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 22 कैरेट शुद्धता वाले सोने का भाव 126199 रुपये प्रति 10 ग्राम
- 18 कैरेट शुद्धता वाले सोने का भाव 103329 रुपये प्रति 10 ग्राम.
- 14 कैरेट वाला सोना आज 80597 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है.
- 1 किलो सोने की कीमत 180080 रुपये प्रति किलोग्राम पर है.
अक्टूबर में कितना सस्ता हुआ गोल्ड
अक्टूबर में सोना 8084 रुपये तक सस्ता हो गया. एक किलो चांदी की कीमत में महीनेभर में 39,485 रुपये की बड़ी गिरावट आई है. पढ़ें- दिवाली से पहले ₹40 हजार गिरकर हांफ रहा सोना, चांदी बेहाल...गोल्ड-सिल्वर क्रैश के लिए चीन जिम्मेदार!
साल 2026 में सोना-चांदी कितना फिसला
29 जनवरी 2026 को सोना-चांदी अपने ऑल टाइम हाई वैल्यू पर थे. 10 ग्राम गोल्ड 1.79 लाख रुपये पर पहुंच चुका था. 1 किलो चांदी की कीमत 3.86 लाख रुपये पर पहुंच चुकी थी. इस लेवल से सोना 42000 रुपये सस्ता होकर 1.37 लाख पर पहुंच चुका है. चांदी में भयंकर गिरावट है. चांदी 2.06 लाख रुपये तक सस्ती हो चुकी है. सोने-चांदी में गिरावट के बाद लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि क्या अभी खरीदारी करना सही है या सोना और गिरने वाला है ? कब सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?
क्यों गिर रहा है सोना ?
सोने सेफ हेवन के बजाए अब रिस्क एसेट्स बन चुका है. सोने की कीमत में गिरावट ने निवेशकों को हैरान कर दिया है. आम तौर पर युद्ध और ग्लोबल संकट के बीच सोने के दाम में तेजी आती थी, लेकिन इस बार सोना अलग रूख अपनाए हुए हैं. दीवाली से पहले सोने की मांग बढ़ने के चलते सोने की कीमत बढ़ जाती थी,लेकिन इस बार सोना गिरता ही जा रही है.
अमेरिकी मिड टर्म चुनाव के बाद सोना दिखाएगा अलग रंग?
निवेशकों के मन में डर है कि मिडटर्म इलेक्शन के बाद अमेरिका फिर से ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई कर सकता है. ऐसा होने पर कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी आएगी. महंगा तेल मंहगाई को बढ़ाएगा. बढ़ती महंगाई लोगों को सोने की खरीदारी से रोकेगी. केंद्रीय बैंक महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ब्याज दर बढ़ा सकते हैं. जिससे बॉन्ड यील्ड बढ़ेगा और सोने के प्रति निवेशकों का आकर्षण और घटेगा. यानी सोने के दाम और गिरेंगे.
मुनाफावसूली के चलते गिर रहा है सोना
दरअसल निवेशकों ने सोने में मुनाफावसूली शुरू कर दी है. बड़े निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए अपना सोना बेचना शुरू कर दिया. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड मजबूत हो रहे हैं, जिससे सोने की कीमत तेजी से नीचे आ रही है.
चांदी की गिरावट के पीछे कौन जिम्मेदार?
चांदी की कहानी और अलग है, सिल्वर का बड़ा इस्तेमाल सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्टरियों और AI में होता है, युद्ध और वैश्विक मंदी के चलते इसकी मांग में कमी आई है. एआई के डेटा सेंटर में चांदी इस्तेमाल होता है, लेकिन एआई खुद खतरे में फंसता जा रहा है. मांग में कमी चांदी को तेजी से नीचे धकेल ही है.
सोना-चांदी खरीदने का सही समय कब है
मार्केट एक्सपर्ट अनिल सिंघवी मानते हैं कि जब तक वैश्विक हालात स्थिर नहीं हो जाता, खाड़ी युद्ध को लेकर स्थिरता नहीं आ जाती है, सोने में उठा-पटक बनी रहेगी. अनिल सिंघवी के मुताबिक आने वाले कुछ हफ्ते अभी सोना-चांदी दबाव में रह सकता है. ऐसे में अनिल सिंघवी की सलाह है कि...
अगर आप निवेश के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार करना चाहिए. अगर आप शादी-ब्याह के लिए सोना खरीद रहे हैं, तो जरूरत के हिसाब से थोड़ा-थोड़ा कर खरीदारी करें.
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया भी मानते हैं कि सोने-चांदी की खरीदारी किश्तों में करना बेहतर विकल्प है.
क्या दिवाली तक और गिरेगा सोना?
सोने की कीमत वैश्विक हलचल से प्रभावित होती है. अगर मिडटर्म इलेक्शन के बाद अमेरिका से सख्त रवैया रखते हुए ईरान पर फिर से हमले शुरू किए, तो सोने की कीमत में और गिरावट आ सकती है. अगर दोनों के बीच सुलह की स्थिति बन गई, तो भाव स्थिर हो सकते हैं. मांग के अनुरुप सोने की कीमत में तेजी लौट सकती है. मार्केट एक्सपर्ट मानते हैं कि लॉन्ग टर्म में सोना बेहतर रिटर्न देने की क्षमता रखता है, यानी भले ही अभी सोने में आपका निवेश आपको घाटा दे रहा हो, लेकिन लंबे वक्त में ये रिटर्न बेहतर प्रॉफिट दे सकता है.
डिस्क्लेमर- Zee न्यूज आपको सोने-चांदी या शेयर बाजार आदि में निवेश की सलाह नहीं देता है. मौजूदा गिरावट के आधार पर ये खबर सिर्फ जानकारी के लिए लिखी गई है. सोने-चांदी में निवेश से पहले आपको अपने वित्तीय सलाहकार से सुझाव जरूर लेना चाहिए.