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Gold Jewelry Hallmarking: सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता की गारंटी देने वाला हॉलमार्क अब और महंगा हो गया है. सरकार द्वारा हॉलमार्किंग चार्ज में 66 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी किए जाने के बाद सर्राफा बाजार में नई बहस छिड़ गई है. लेकिन सबसे बड़ा खतरा आम उपभोक्ताओं की जेब और भरोसे पर मंडरा रहा है. ऑल-इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) ने चेतावनी दी है कि शुल्क बढ़ते ही बाजार में नकली हॉलमार्क स्टैंप और फर्जी HUID नंबर वाला सोना बेचने वाले जालसाज सक्रिय हो सकते हैं. ऐसे में अगर आप भी सोने के गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान रहना बेहद जरूरी है.
आप गोल्ड कॉइन खरीद रहे हैं या फिर ज्वैलरी, दोनों को ही लेते समय आपको बेहद सर्तक रहने की जरूरत होती है. पिछले दिनों सोना खरीदते समय उसकी प्योरिटी की गारंटी देने वाला हॉलमार्क पहले से महंगा हो गया है. सरकार की तरफ से हॉलमार्किंग चार्ज में 66 फीसदी का इजाफा किये जाने के बाद सर्राफा बाजार में नई तरह की बहस छिड़ी हुई है. लेकिन इसका सबसे बड़ा खतरा आम कस्टमर की जेब और भरोसे दोनों पर मंडरा रहा है. जी हां, हॉलमार्किंग चार्ज महंगा होने के बाद कुछ ज्वैलर्स की तरफ से फर्जी स्टाम्प लगाए जाने का खतरा बढ़ गया है. इसको लेकर ऑल-इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) की तरफ से चेतावनी जारी की गई है.
चार्ज बढ़ने के बाद बाजार में नकली हॉलमार्क स्टैम्प और फर्जी HUID नंबर वाला सोना बेचने वाले जालसाज एक्टिव हो सकते हैं. ऐसे में यदि आप भी सोने के गहने खरीदने की प्लान कर रहे हैं तो आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत है. ऑल-इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) की तरफ से बताया गया कि फर्जी हॉलमार्किंग स्टाम्प लगाए जाने का खतरा टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों में ज्यादा है. यहां ग्राहकों के बीच प्योरिटी को लेकर जांच से जुड़े नियमों की जागरूकता भी काफी कम है.
ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) संशोधन नियमवली 2026 के तहत हॉलमार्किंग चार्ज में बड़ा इजाफा नोटिफाई किया गया है. इस बदलाव के बाद प्रति ज्वेलरी आइटम हॉलमार्किंग चार्ज 45 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये कर दिया गया है. सीधे तौर पर यह 66.67 फीसदी की बढ़ोतरी है. GJC की तरफ से बताया गया कि नए रेट से पूरे ज्वेलरी इकोसिस्टम पर करीब 400 करोड़ रुपये का एक्स्ट्रा बोझ पड़ेगा. इसके ऊपर करीब 80 करोड़ रुपये का जीएसटी भी लगेगा. काउंसिल की तरफ से केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी और BIS से अपील की गई है कि पुरानी 45 रुपये वाली दर को दोबारा से बहाल किया जाए. हालांकि, चांदी की ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग चार्ज को 35 रुपये पर ही बरकरार रखा गया है.
GJC चेयरमैन राजेश रोकड़े का कहना है कि जब हॉलमार्किंग का खर्च बढ़ता है तो जालसाज नकली स्टाम्प और फर्जी डिजिटल डिजाइन के जरिये ग्राहकों को ठगने के नए-नए तरीके इजाद कर लेते हैं. जालसाज तस्वीरों और प्रतीकों की हूबहू नकल तैयार करने लगे हैं. सोने की प्योरिटी और असली हॉलमार्क की पहचान करने के लिए BIS ने 'BIS Care' नामक मोबाइल एप्लीकेशन जारी किया है. इस ऐप में 6 डिजिट वाला अल्फान्यूमेरिक HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) नंबर डालकर ज्वैलरी की पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है. देश के 800 जिलों में से महज बमुश्किल 10 प्रतिशत लोग ही इस ऐप के बारे में जानते हैं.
ज्वेलर्स एसोसिएशन की तरफ से यह भी कहा गया कि फीस बढ़ने के बावजूद सुविधाओं में कोई खास सुधार नहीं हुआ है. पहले हॉलमार्किंग प्रोसेस पूरा होने में 6 घंटे का समय लगता था. लेकिन अब इसमें 24 से 36 घंटे तक का समय लग रहा है. पहले के मुकाबले टाइम ज्यादा लगने की वजह से सर्राफा कारोबारियों की वर्किंग कैपिटल लंबे समय तक अटकी रहती है. देश में जुलाई 2026 तक मान्यता प्राप्त असेसिंग एंड हॉलमार्किंग सेंटर (AHCs) की संख्या बढ़कर 1,577 हो चुकी है. अब तक 65 करोड़ से ज्यादा ज्वेलरी आइटम पर HUID लागू किया जा चुका है.