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त्योहारी सीजन से पहले FSSAI का बड़ा फैसला, खोया, पनीर और मांस-मछली की ढुलाई के लिए नए नियम जारी

FSSAI ने खोया, पनीर, मांस और मछली जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की सप्लाई चेन के दौरान सही तापमान, स्वच्छता और 'फूड-ग्रेड' पैकेजिंग बनाए रखने के लिए नई एडवाइजरी जारी की है.

Written By Gaurav Singh
Published: Oct 18, 2026, 09:40 PM IST | Updated: Oct 18, 2026, 11:05 PM IST
Image Credit: खोया, पनीर, मांस और मछली जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा के लिए FSSAI ने नई गाइडलाइन जारी की है| AI
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FSSAI Big Action: त्योहारों के आते ही बाजार में मिलावट और कालाबाजारी बढ़ने लगती है. ऐसे में सुरक्षित खाद्य पदार्थों की सप्लाई और सही देखभाल ही आम जनता की सेहत और त्योहारों की खुशियों की असली चाबी है. इसी कड़ी में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने रविवार को एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) को निर्देश दिया गया है कि वे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों जैसे खोया, पनीर, मांस और मछली की पूरी सप्लाई चेन के दौरान सही हैंडलिंग, स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन सुनिश्चित करें. इसके लिए इन चीजों को नियंत्रित तापमान में रखना जरूरी है, ताकि खाद्य सुरक्षा और जन स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके.

FSSAI ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि उनके संज्ञान में आया है कि जल्दी खराब होने वाले इन खाद्य पदार्थों को कभी-कभी सही तापमान पर हैंडल, स्टोर या ट्रांसपोर्ट नहीं किया जाता है. चूंकि ये उत्पाद बहुत जल्दी खराब हो सकते हैं. इसलिए अगर तय तापमान बनाए नहीं रखा गया, तो इनमें सूक्ष्मजीव यानी माइक्रोब्स पनप सकते हैं और ये खराब हो सकते हैं.

जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के लिए एडवाइजरी

फूड रेगुलेटर  ने कहा, 'FSSAI ने खोया, पनीर, मांस और मछली जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की पूरी सप्लाई चेन के दौरान, नियंत्रित तापमान में हैंडलिंग, स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है.'  रेगुलेटर ने कहा है कि खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) को स्वच्छता और तापमान के मानकों का सख्ती से पालन करना होगा.

फूड रेगुलेटर ने बताया कि 'खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंसिंग और पंजीकरण) विनियम, 2011' के तहत, खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे पूरी सप्लाई चेन के दौरान यानी सामान खरीदने/स्रोत से लेकर अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचाने तक तय तापमान बनाए रखें. इसमें चिलिंग (ठंडा रखना), ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन जैसी गतिविधियां शामिल हैं.

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खाद्य पदार्थों को सही तापमान पर नहीं रखा जाता है :FSSAI

FSSAI ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को सही तापमान पर नहीं रखा जाता है, तो इससे खाद्य सुरक्षा और जन स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. साथ ही, यह नियमों में बताई गई स्वच्छता और साफ-सफाई की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा.

इसलिए ऐसे उत्पादों के निर्माण, पैकिंग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन, वितरण और बिक्री से जुड़े सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों को निर्देश दिया गया है कि वे खाद्य पदार्थों को केवल साफ, ढके हुए और स्वच्छ वाहनों में ही ट्रांसपोर्ट करें, जो खाद्य पदार्थों के परिवहन के लिए उपयुक्त हों. उन्हें ये भी निर्देश दिया गया है कि स्टोरेज और ट्रांसपोर्टेशन के दौरान तय तापमान बनाए रखें.

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फूड रेगुलेटर ने आगे कहा कि संचालकों को केवल 'फूड-ग्रेड' (खाद्य पदार्थों के लिए सुरक्षित) पैकेजिंग सामग्री और उपयुक्त सेकेंडरी पैकेजिंग का ही इस्तेमाल करना चाहिए.

इसके अलावा, खाद्य व्यवसाय संचालकों से कहा गया है कि वे स्टोरेज, लोडिंग, अनलोडिंग और ट्रांसपोर्टेशन के दौरान उत्पादों को धूल, नमी, कीड़े-मकोड़ों, किसी भी तरह के नुकसान और 'क्रॉस-कंटामिनेशन' (एक चीज से दूसरी चीज में संक्रमण फैलना) से बचाएं. उन्हें खेपों का उचित रिकॉर्ड और ट्रेसेबिलिटी बनाए रखनी होगी और सक्षम प्राधिकारी द्वारा मांगे जाने पर इनवॉइस या अन्य संबंधित डाक्यूमेंट्स प्रस्तुत करने होंगे.


( IANS के इनपुट के साथ)

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जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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