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1 नवंबर की रैली टालने की मांग, व्यापारियों ने विपक्षी नेताओं को फिर लिखी चिट्ठी, जानें क्या है ट्रेडर्स का डर?

दिल्ली के व्यापारियों ने INDIA गठबंधन के नेताओं से अपील की है कि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस की रैली को 10 नवंबर के बाद आयोजित कराया जाए.

Written By Gaurav Singh
Published: Oct 29, 2026, 06:27 PM IST | Updated: Oct 29, 2026, 06:57 PM IST
Image Credit: व्यापारियों का कहना है कि दीपावली के दौरान रैली होने से प्रमुख बाजारों में कारोबार प्रभावित हो सकता है और उन्हें ₹10000 करोड़ तक के अतिरिक्त नुकसान की आशंका है। AI
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INDIA Alliance Rally : दिल्ली के व्यापारियों ने 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस की रैली को दीपावली के बाद तक स्थगित करने की मांग की है. 

फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन ने INDIA गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं से इस मामले में हस्तक्षेप करने और कांग्रेस नेतृत्व को रैली की तारीख बदलने के लिए मनाने का आग्रह किया है. व्यापारियों का कहना है कि दीपावली दिल्ली के कारोबारी समुदाय के लिए साल का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मौसम है और इस दौरान बड़ी रैली होने से कारोबार प्रभावित हो सकता है.

व्यापारियों ने अपने पत्र में कहा है कि वे पहले ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली 10 नवंबर 2026 के बाद आयोजित करने का अनुरोध कर चुके हैं. हालांकि, उनके मुताबिक कांग्रेस 1 नवंबर को ही रैली आयोजित करने पर अड़ी हुई है. 

व्यापारियों और श्रमिकों की आजीविका पर पड़ सकता असर!

व्यापारियों ने INDIA गठबंधन के नेताओं से अपील की है कि वे इस मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर कांग्रेस नेतृत्व को व्यापारियों और श्रमिकों की आजीविका पर पड़ने वाले संभावित असर से अवगत कराएं.

दीपावली के दौरान ₹25,000 करोड़ के कारोबार का अनुमान

व्यापारियों के मुताबिक, धनतेरस से दीपावली तक दिल्ली में लगभग ₹25,000 करोड़ का व्यापार होता है. छोटे दुकानदारों और व्यापारियों के लिए ये समय बेहद अहम है, क्योंकि इस दौरान होने वाली कमाई से उनके परिवारों का खर्च कई महीनों तक चलता है. ऐसे में त्योहारी खरीदारी के चरम समय में यातायात प्रतिबंधों और भीड़भाड़ के कारण कारोबार प्रभावित होने की आशंका है.

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पत्र में ये भी कहा गया है कि राजनीतिक कार्यक्रमों की तारीख बदली जा सकती है, लेकिन त्योहारी सीजन में व्यापारियों की खोई हुई बिक्री की भरपाई करना मुश्किल होता है. इसलिए रैली को दीपावली के बाद आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और कारोबारी गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रह सकें.

पहले भी ₹3,000 करोड़ के नुकसान का दावा

व्यापारियों ने पत्र में दावा किया है कि नवरात्रि के दौरान दिल्ली के कारोबारियों को पहले ही नुकसान उठाना पड़ा है. उनके अनुसार, सितंबर और अक्टूबर में लगातार विरोध-प्रदर्शनों, रैलियों और यातायात संबंधी बाधाओं के चलते व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं, जिससे करीब ₹3,000 करोड़ का नुकसान हुआ है.

व्यापारियों को आशंका है कि यदि दीपावली के दौरान एक और बड़ी रैली आयोजित की जाती है, तो इससे ₹10,000 करोड़ तक का अतिरिक्त नुकसान हो सकता है.


20 बाजारों पर असर की आशंका

फेडरेशन ने कहा है कि रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में दिल्ली के करीब 20 प्रमुख थोक और खुदरा बाजार स्थित हैं. इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, चावड़ी बाजार और भागीरथ पैलेस जैसे प्रमुख कारोबारी केंद्र शामिल हैं.

व्यापारियों के मुताबिक, रैली के कारण यातायात प्रतिबंध, सड़कों की बंदी और अत्यधिक भीड़ होने से ग्राहकों की आवाजाही के साथ-साथ माल की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है. इसके अलावा, पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों की निकटता के कारण स्थिति और जटिल होने की आशंका जताई गई है.

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जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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