अभी शांत नहीं होगा क्रूड, ट्रंप की धमकी से फिर उछला कच्चा तेल, कीमत 113 डॉलर के पार
Crude Oil price Hike: कच्चे तेल की कीमत में तेजी लौटी है. क्रूड ऑयल फिर से 113 डॉलर के करीब पहुंच चुका है. ट्रंप की धमकियों और हूती विद्रोहियों ने तेल पर संकट को गहरा दिया है.
Crude Oil: ना तो अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म हो रहा है और ना ही कच्चे तेल के दाम गिरने का नाम ले रहे हैं. खाड़ी युद्ध को लेकर अनिश्चितता के बीच ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत में फिर से बड़ी तेजी देखने को मिली है. कच्चा तेल तेजी के साथ आज 113-114 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की लहर जारी
कच्चे तेल की कीमत में 30 अक्टूबर को फिर से तेजी देखने को मिली है. अक्टूबर में ब्रेंट 10% से ज्यादा उछल चुका है. आज कच्चे तेल की कीमत 113 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच चुकी है. WTI क्रूड की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल के पार जा चुकी है. तेल की कीमतों में आज ब्रेंट क्रूड 0.86 डॉलर और अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.76 डॉलर चढ़ा है.
कच्चा तेल क्यों चढ़ रहा है?
अक्टूबर में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 10% से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है.अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म नहीं हो रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जारी किए गए ताजा बयान के बाद फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू होने की आशंका बढ़ गई है. ट्रंप कह चुके हैं कि मिड टर्म इलेक्शन के बाद ईरान पर सख्त सैन्य कार्रवाई की जा सकती है.
अभी शांत नहीं होगा कच्चा तेल
दूसरी तरफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चिंता बनी हुई है. कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर आशंका बनी हुई है. होर्मुज बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई घट सकती है. इसके साथ ही लाल सागर में हूतियों के हमले बढ़ रहे हैं, जिससे ऑयल की ग्लोबल सप्लाई अटकने की आशंका बढ़ गई है. इन सबसे बीच सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती बलों के बीच झड़पों ने सिर्फ तनाव नहीं बढ़ाया, बल्कि कच्चे तेल के निर्यात को संकट में डाल दिया है, जिसकी वजह कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी आने लगी है. कच्चा तेल कुछ हफ्ते पहले तक 89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है, लेकिन अब उसकी कीमत फिर से 113-114 डॉलर को छूने लगी है.