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ट्रंप के इनकार से कच्चे तेल में फिर से उबाल: बढ़ रहा कंपनियों का नुकसान, क्या फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल, LPG के दाम?

Crude Oil: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को राहत देने से इनकार कर दिया है , जिसके बाद कच्चे तेल की कीमत में फिर से बढ़ोतरी हो गई है. तेल के बढ़ते भाव, भारतीय तेल कंपनियों की मुश्किल बढ़ा रहे हैं.

Written ByBavita Jha
Published: Sep 30, 2026, 09:49 AM IST|Updated: Sep 30, 2026, 10:09 AM IST
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ट्रंप के इनकार से कच्चे तेल में फिर से उबाल: बढ़ रहा कंपनियों का नुकसान, क्या फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल, LPG के दाम?

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Bavita Jha

Bavita Jha

बवीता झा बिजनेस पत्रकार हैं, उन्हें डिजिटल और टीवी न्यूज़ मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News Hindi (Digital) में बतौर चीफ सब-एडिटर कार्यरत हैं. व्यापार जगत की जटिलताओं और आर्थिक आंकड़ों को आम पाठकों के लिए सरल भाषा में डिकोड करना उनका मजबूत पक्ष है.  • शेयर बाजार • बिजनेस एक्सप्लेनर • पर्सनल फाइनेंस और टैक्सेशन  • कमोडिटी, गोल्ड-सिल्वर ट्रेड• ग्लोबल ट्रेड • जियो इकोनॉमिकस डेवलपमेंट • कारोबार से जुड़ी सरकारी योजना और पॉलिटी • बिजनेस और मार्केट ट्रेंडZee News से पहले बवीता ने नवभारत टाइम्स (NBT) के बिजनेस सेक्शन और Oneindia जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल संस्थानों में इवनिंग शिफ्ट, होम पेज मैनेजमेंट और ट्रेडिंग न्यूज़ की अहम जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं. इसके अलावा महुआ न्यूज़, जनसंदेश और सहारा जैसे टीवी चैनलों में प्रोग्राम प्रोड्यूसर और रनडाउन मैनेजमेंट का उनके पास 4 वर्षों का ठोस अनुभव है.  दिल्ली से पत्रकारिता में स्नातक और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाली बवीता, खबरों की सत्यता और वित्तीय मामलों की सटीक रिपोर्टिंग को प्राथमिकता देती हैं.  बवीता झा से आप bavita.jha@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स  पर https://x.com/youthreporter2 के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. सोशल मीडिया पर कनेक्ट होने के लिए फेसबुक पेज https://www.facebook.com/bavita.jha , इंस्टाग्राम instagram.com/bavita.jha पर जुड़ सकते हैं. बवीता झा की खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं.
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Crude Oil Price 30 September: अमेरिका और ईरान के बीच ना तो सहमति बन रही है और ना ही कच्चे तेल की कीमत में गिरावट आ रही है. कच्चे तेल के भाव में 30 सितंबर को फिर से तेजी देखने को मिली है. ग्लोबल क्रूड मार्केट में ब्रेंट और WTI दोनों की कीमतों में भारी तेजी देखने को मिली है. ब्रेंट ऑयल 0.44 फीसदी की तेजी के साथ चढ़ा है. WTI में 0.52 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है.  

कच्चे तेल के दाम फिर से बढ़े

30 सितंबर को ब्रेंट क्रूड ऑयल 96.56 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत आज 89.83 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा. कच्चे तेल की कीमत में अस्थिरता के पीछे सबसे बड़ी वजह होर्मुज खुलने पर अस्थिरता है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को प्रतिबंधों से राहत देने से इनकार कर दिया है. वो ईरान के साथ समझौते को भी तैयार नहीं दिख रहे हैं. युद्ध को लेकर अनिश्चितता और ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई के बीच का अंतर चार महीने में सबसे ज्यादा बढ़ गया है.  
होर्मुज संकट पर राहत की घटती उम्मीदों से चढ़ा कच्चा तेल

कच्चे तेल की लाइफलाइन कहलाने वाला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब भी बंद है. अमेरिका-ईरान के बीच समझौता नहीं होने से वहां नाकेबंदी जारी है, लाल सागर में हूती विद्रोहियों का आतंक बढ़ रहा है. ऐसे में तेल सप्लाई पर संकट ने कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. जबकि खाड़ी देश कतर की ओर से कल बयान जारी किया गया कि उसे उम्मीद है कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत से किसी समझौते का रास्ता निकलेगा.दूसरी ओर सऊदी अरब ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का संचालन फिर से शुरू कर दिया है. मिडिल ईस्ट तेल उत्पादकों से कच्चे तेल का निर्यात सितंबर में बढ़कर 1.6328 करोड़ बैरल प्रतिदिन पर पहुंच गया है.  ऐसे में राहत की उम्मीद बढ़ रही है.  

पढ़ें- पेट्रोल पर ₹8, LPG पर ₹300 का घाटा: महंगे तेल से रोज हो रहा है ₹530 करोड़ का नुकसान, क्या फिर बढ़ेंगे दाम?
 

भारतीय तेल कंपनियों का बढ़ रहा है घाटा

भारतीय तेल कंपनियों के लिए तेल की आयात लागत लगातार बढ़ रही है. सरकारी तेल कंपनियों का शिपिंग कॉस्ट, ग्लोबल ऑयल मार्केट में तेल की कीमत बढ़ने से इम्पोर्ट बिल बढ़ रहा है. भारतीय तेल रिफाइनरियों को फिजिकल क्रूड के लिए फ्यूचर्स प्राइस से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है.  

तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान, क्या फिर बढ़ेंगे दाम? 

ICRA के डेटा के मुताबिक बढ़ती लागत और घरेलू रिटेल बाजार में तेल की कीमत में बढ़ोतरी नहीं होने से तेल कंपनियों का घाटा बढ़ता जा रहा है.  भारत की तीन बड़ी सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम को हर दिन करीब 530 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. पेट्रोल-डीजल के हर लीटर पर कंपनियों का घाटा बढ़ रहा है. हर सिलेंडर पर 300 रुपये का नुकसान हो रहा है.

  • कंपनियों को डीजल पर करीब 9 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है. 
  • पेट्रोल पर करीब 8 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है. 
  • घरेलू LPG सिलेंडर पर करीब 300 प्रति सिलेंडर नुकसान हो रहा है.

अगर खाड़ी युद्ध खत्म नहीं हुए, होर्मुज का रास्ता जल्दी नहीं खुला, तो भारतीय तेल कंपनियां इस नुकसान की भरपाई के लिए कीमत बढ़ोतरी का फैसला ले सकती है. सरकार बहुत दिनों तक तेल कंपनियों को कीमत बढ़ोतरी से नहीं दो सकेंगी. बता दें कि खाड़ी युद्ध शुरू होने के बाद से लगातार 4 बार पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी के बाद करीब 7.35 रुपये का इजाफा किया गया. वहीं सिलेंडर के दाम कई बार बढ़े. खासकर कमर्शियल सिलेंडर की कीमत, तो दोगुनी हो गई. 

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Crude Oil