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सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए अग्निवीर योजना को लेकर एक अहम बदलाव की किया गया है. केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में बदलाव करते हुए अग्निवीरों को दो साल सेवा विस्तार प्रस्ताव को मंजूरी दी है. इसके साथ ही अतिरिक्त दो साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए सशस्त्र बल बनने का रास्ता भी खुल सकता है. इस फैसले को लेकर भागलपुर में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच चर्चा तेज हो गई है.
सरकार के इस फैसले का भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड मैदान में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने स्वागत किया है. हालांकि, युवाओं की मांग है कि सेवा अवधि को केवल छह साल तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे बढ़ाकर सात से दस साल तक किया जाए. युवाओं का कहना है कि अग्निवीरों को भी नियमित सैनिकों की तरह सम्मान, सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा मिलनी चाहिए. इससे सेना में जाने का सपना देख रहे युवाओं का उत्साह और मनोबल बढ़ेगा.
भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड मैदान में हर सुबह चार से पांच बजे के बीच युवाओं की भीड़ जुटती है. कोई दौड़ लगाता है, तो कोई शारीरिक अभ्यास के जरिए खुद को सेना भर्ती के लिए तैयार करता है. इन युवाओं के लिए सेना की वर्दी सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि देश की सेवा और सम्मान का सपना है. ऐसे में सेवा अवधि बढ़ाने के फैसले को वे अपने भविष्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देख रहे हैं. फिलहाल, सरकार के इस फैसले से अग्निवीरों और सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं में नई उम्मीद जगी है. अब युवाओं की नजर इस बात पर है कि सेवा अवधि, नियमित सैनिक बनने के अवसर और सुविधाओं को लेकर आगे क्या व्यवस्था लागू होती है.
बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से अग्निवीरों की सेवा अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल करने के फैसले के बाद बिहार में सियासत तेज हो गई है. सेवा में दो साल के विस्तार की घोषणा के बाद भाजपा नेताओं ने इसे देश की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और अग्निवीरों के भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम बताया है. वहीं, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं ने योजना की मूल व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि दो साल का विस्तार युवाओं की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं है.
रिपोर्ट: अश्वनी कुमार