कौन हैं अनुज सिंह, जिनके लिए अनंत सिंह ने नीतीश कुमार से ले लिया पंगा
बिहार एमएलएसी चुनाव में प्रत्याशियों से ज्यादा मोकामा विधायक अनंत सिंह सुर्खियों में रहे. उन्होंने अपने पार्टी के खिलाफ जाकर अनुज सिंह के लिए चुनाव में प्रचार किया. जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार का खुलकर विरोध किया.
कहते राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं होता, हर कोई बस अपना सियासी दांव वक्त-वक्त पर चलता है. मगर, मोकामा के विधायक अनंत सिंह, जो नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं. उन्होंने अपनी दोस्ती के लिए उन्हीं से पंगा ले लिया. जी हां, सियासत में दोस्ती वाली नई परिभाषा को अनंत सिंह गढ़ रहे हैं, जिनके लिए पार्टी से बगावत कर दी. आखिर कौन हैं अनुज कुमार सिंह? चलिए जानते हैं.
कौन हैं डॉक्टर अनुज सिंह, जानिए
अनुज सिंह जन सुराज के नेता और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के प्रत्याशी हैं. उन्होंने साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के टिकट पर नवादा सीट से चुनाव लड़ा था. हालांकि, अनुज सिंह को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे के अनुसार, डॉक्टर अनुज कुमार सिंह शैक्षणिक संस्थान के प्रबंधन से जुड़े हैं. उन्होंने रिसोर्स जियोग्राफी में पीएचडी की है. अनुज सिंह नवादा जिले के नारदीगंज क्षेत्र के रहने वाले हैं.
जदयू ने अनंत सिंह को पार्टी से 6 साल के लिए बाहर निकाला
दरअसल, अनुज सिंह का पटना एमएलसी चुनाव में पार्टी के खिलाफ जाकर अनंत सिंह ने समर्थन किया. साथ ही जदयू के प्रत्याशी नीरज कुमार को खुलकर विरोध किया. अब इसी मामले को लेकर जदयू ने मोकामा विधायक अनंत सिंह पर जदयू ने बड़ी कार्रवाई की है. जदयू ने अनंत सिंह की पार्टी से प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. अनंत सिंह को जदयू से 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है. इतना ही नहीं, उनकी पत्नी को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.
जदयू ने अनंत सिंह पर बहुत ही सख्त एक्शन लिया है. आगे भी कड़ी कार्रवाई करने के पूरे मुड में नजर आ रही है, क्योंकि पार्टी ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की भी अनुशंसा की है. संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की है.
जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष की ओर से ये आदेश जारी किया गया है. जारी पत्र में लिखा गया है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल का आरोप है. अनंत सिंह पर विधान परिषद चुनाव में पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ काम करने का आरोप लगा है. साथ ही दूसरे दल के उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने के कारण ये कार्रवाई की जाती है.
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