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बिहार सरकार लोगों की समस्याओं के निदान के लिए लगातार दिशा-निर्देश जारी कर रही है, लेकिन सरकारी कर्मी सरकार के दिशा-निर्देशों को ताक पर रखकर अवैध वसूली करने में कोई भी कसर नहीं छोड़ रहे हैं. ऐसे कर्मियों पर निगरानी विभाग भी पूरी तरह से मुस्तैद है और ऐसे भ्रष्ट कर्मियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है.
ऐसा ही एक ताजा मामला गया जिला से सामने आया है, जहां जमीन की मापी के लिए रोहित कुमार ने आवेदन दिया था. उस आवेदन के आधार पर जमीन की मापी की रिपोर्ट देने के लिए 7 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी. रिश्वत की मांग पर आवेदक रोहित कुमार ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग में कर दी.
निगरानी विभाग के अनुसार तय समय और स्थान पर आवेदक और निगरानी की टीम मौके पर पहुंच गई. तभी वहां अमीन पहुंचा और सात हजार रुपये आवेदक के द्वारा दिए गए और रुपये लेते ही रंगेहाथ निगरानी की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
वहीं, इस मामले को लेकर निगरानी विभाग के डीएसपी वसीम फिरोज ने बताया कि रोहित कुमार ने अपनी जमीन की मापी के लिए आवेदन दिया था. मापी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के बदले उनसे 7 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी. इसके बाद रोहित कुमार ने निगरानी विभाग से शिकायत की.
शिकायत के आधार पर निगरानी टीम ने कार्रवाई करते हुए गया में एपीआर मॉल के समीप दोनों आरोपियों को 7 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिषेक कुमार और दीपू कुमार के रूप में की गई है. फिलहाल, निगरानी विभाग की टीम मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है.
बता दें कि 16 अक्टूबर को बक्सर में निगरानी विभाग की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्रह्मपुर थाने में तैनात दारोगा नीरज कुमार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. आरोप है कि एक मामले में मदद करने और केस के सिलसिले में पैरवी करने के एवज में दारोगा पीड़ित पक्ष से लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था. रिश्वत की मांग से परेशान होकर पीड़ित ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी.
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने मामले की जांच की और फिर जाल बिछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया था. बताया जा रहा है कि निगरानी विभाग के डीएसपी विनोद कुमार के नेतृत्व में नौ सदस्यीय टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया था.
रिपोर्ट: जय प्रकाश कुमार