सहरसा के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार के यहां SVU की रेड, खिड़की से फेंकी गईं नोटों की गड्डियां! कई फ्लैट-प्लॉट का खुलासा
सहरसा के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार के यहां SVU ने छापेमारी की. इस दौरान खुद SVU के भी होश उड़ गए. 3.28 करोड़ की अवैध संपत्ति और 31 लाख नकद बरामद किया गया. इसके अलावा कई फ्लैट-प्लॉट का खुलासा भी हुआ है.
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' नीति लागू करने की प्रक्रिया जारी है. इसी क्रम में विशेष निगरानी इकाई (SUV) की विशेष टीम ने सहरसा के पथ निर्माण अंचल के अधीक्षण अभियंता बिजय कुमार उर्फ विजय कुमार के 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. छापेमारी की कार्रवाई कल बुधवार (4 नवंबर) सुबह से शुरू हुई और यह देर रात तक जारी रही. आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में अधीक्षण अभियंता के खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है. एसवीयू के थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-13(2) सह पठित धारा 13(1)(बी) के तहत कांड संख्या 27/2026 दर्ज की गई है.
पत्नी के नाम करोड़ों रुपये की अचल संपत्ति
इनके जिन पांच ठिकानों पर एक साथ तलाशी की गई है, उसमें पटना के दानापुर में गोला रोड स्थित सांई शरणम आवासीय परिसर, सहरसा में पथ निर्माण विभाग का सरकारी कार्यालय एवं आवासीय परिसर, औरंगाबाद जिला के दाउदनगर थाना स्थित ब्राम्हण टोली स्थित पैतृक घर और पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र में महेश नगर स्थित प्रेमा रेजीडेंसी अपार्टमेंट शामिल है.
अब तक की जांच में अधीक्षण अभियंता एवं उनकी पत्नी रानी कुमारी के नाम से 3 करोड़ 8 लाख 75 हजार रुपये की अचल संपत्ति पाई गई है. जांच में चल और अचल मिलाकर विजय कुमार के पास 3 करोड़ 28 लाख 70 हजार 600 रुपये की अवैध संपत्ति प्राप्त की गई है, जो उनके आय के वैद्य स्रोतों से करीब 140 फीसदी (139.87 प्रतिशत) अधिक है.
खिड़की से नोटों की गड्डियां बाहर फेंकी गईं
छापेमारी के दौरान गोला रोड स्थित सांई शरणम के फ्लैट का दरवाजा नहीं खुला. बाहर खड़ी टीम को स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ लोग बाहर नोटों के बंडल फेंक रहे हैं, जिसे जप्त किया गया. फ्लैट में फाइलों में भी नोटों की गड्डी छुपा कर रखी हुई थी. इनके ठिकानों पर तलाशी के दौरान सांई शरणम आवास से 31 लाख 42 हजार रुपये नगद, दो बैंकों में जमा 10 लाख रुपये के दस्तावेज, 23 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात, एलआईसी, टाटा एआईजी समेत अन्य कंपनियों में निवेश एवं बीमा से संबंधित दस्तावेज मिले हैं.
SBI में 7 और BoB में 2 बैंक खाते
पति-पत्नी दोनों के नाम से भारतीय स्टेट बैंक में 7 और बैंक ऑफ बड़ौदा में 2 बैंक खाते मिले हैं. इन दोनों खातों में 1 करोड़ 29 लाख 46 हजार रुपये जमा हैं. इसके अतिरिक्त इन दोनों के नाम से एक स्कॉर्पियो और एक आई-10 कार निबंधित है. अब तक की जांच में विजय कुमार के पास 3 करोड़ 28 लाख 70 हजार रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का पता चल चुका है. जांच पूरी होने के बाद इस अवैध संपत्ति में बढ़ोतरी भी हो सकती है.
सांई शरणम के नाम से 3 और 6 मंजिला मकान
जांच में यह पता चला कि विजय कुमार ने स्वयं और अपनी पत्नी के नाम से एक फ्लैट और तीन भूखंड खरीद रखा है. इनमें जमीन के दो प्लॉट पर सांई शरणम के नाम से तीन और छह मंजिला नवनिर्मित मकान मौजूद है.
पटना में पटालिपुत्र थाना के महेश नगर इलाके में प्रेमा रेसिडेंसी अपार्टमें में फ्लैट संख्या 303, पत्नी के नाम से पटना के गोला रोड स्थित रामजयपाल नगर सहकारी गृहनिर्माण समिति में पत्नी के नाम प्लॉट.
दानापुर के सहजादपुर मौजा में आवासीय भू-खंड, उत्तर दानापुर से रामजयपाल नगर में एक भूखंड, दानापुर के गोला रोड में विजय कुमार के नाम से नवनिर्मित छह तल्ला मकान (अनुमानित लागत 1 करोड़ 75 लाख रुपये) और गोला रोड में वास्तुगंगा कॉलोनी में सांई शरणम तीन तल्ला मकान (अनुमानित लागत 75 लाख रुपये) मौजूद है.
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि विजय कुमार 22 दिसंबर 2004 को सरकारी सेवा में आए. इसके बाद पटना, गया, सहरसा और अन्य स्थानों पर पोस्टिंग के दौरान अवैध एवं भ्रष्ट तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित की है, जो उन्हें सरकार से मिली वेतन और अन्य वैद्य स्रोतों की तुलना में कहीं अधिक है.
रिपोर्ट: इश्तेयाक खान
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