'पुलिस थाने में घंटों बिना कारण बैठाया, बोले ऊपर से ऑर्डर है', राजद सांसद सुधाकर सिंह का गंभीर आरोप
नवादा में राजद राजद सांसद सुधाकर सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया. साथ ही उनको कई घंटों थाने में बैठाया. यह आरोप राजद सांसद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लगाया है. बिना किसी सूचना, बिना किसी वजह से मुझे घंटों बैठाया गया, किसी सांसद को बिना कारण थाना में बैठाना गैरकानूनी है.
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार सरकार पर एक बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखा और कहा कि नवादा जिला के अकबरपुर थाना में बिना किसी सूचना, बिना किसी वजह से मुझे घंटों बैठाया गया है, जब मैंने पूछा कि यहां बैठाने का कारण क्या है, मुझे लिखित में दिया जाए तो यहां के पुलिस का कहना है कि ऊपर से आदेश आया है और हम उसका पालन कर रहे हैं, किसी सांसद को बिना कारण थाना में बैठाना गैरकानूनी है.
'ऐसे में किसी सांसद को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता'
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि नवादा में किसानों की जायज मांगों को लेकर पूर्व निर्धारित धरने के दौरान मुझे पुलिस की ओर से डिटेन किया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है. अभी लोकसभा के सत्र का सत्रावसान राष्ट्रपति की तरफ से नहीं किया गया है. ऐसे में किसी सांसद को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है.
'लोकसभा की नियमावली के नियम 229 के तहत सांसद की गिरफ्तारी या...'
सुधाकर सिंह ने कहा कि लोकसभा की नियमावली के नियम 229 के तहत सांसद की गिरफ्तारी या हिरासत की सूचना तत्काल लोकसभा अध्यक्ष को देना अनिवार्य है. क्या नवादा के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्पष्ट करें कि इस नियम का पालन किया गया?
'प्रशासनिक दबाव से न डरेंगे, न झुकेंगे'
बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि प्रशासन यह न भूले कि वह कानून से ऊपर नहीं है. किसानों की आवाज उठाना अपराध नहीं है. इस कार्रवाई और संसदीय नियमों के अनुपालन में हुई किसी भी चूक की जवाबदेही तय होनी चाहिए. किसानों के हक की लड़ाई जारी रहेगी, प्रशासनिक दबाव से न डरेंगे, न झुकेंगे.
बता दें कि बिहार के नवादा में किसान आंदोलन के दौरान सांसद सुधाकर सिंह ने अकबरपुर थाने से लाइव वीडियो जारी कर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए. मधुबन-मोतनाजे गांव में डैम निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसान डीएम कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे. कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारियों के सड़क पर उतरने पर पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया. सवाल तो यह भी है कि क्या सांसद के लिए कोई नियम नहीं है?
सांसद ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना वारंट और स्पष्ट कानूनी आधार के करीब तीन घंटे तक थाने में बैठाया गया. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मामले पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया. साथ ही सवाल उठाया कि जब आम लोगों को थाने में वीडियो बनाने से रोका जाता है, तो जनप्रतिनिधियों के लिए क्या अलग नियम हैं?
वहीं, एसडीम अमित अनुराग ने कहा कि फोटो-वीडियो के आधार पर जांच कर डीएम के आदेश पर आगे की कार्रवाई होगी.
रिपोर्ट: यशवंत सिन्हा
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