पितृपक्ष मेला 2026: गयाजी में श्रद्धालुओं के लिए डाक विभाग की नई पहल, स्पेशल कवर से मिलेगी धार्मिक स्थलों की जानकारी
Pitru Paksha Mela 2026: पितृपक्ष मेला 2026 से पहले गयाजी पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डाक विभाग ने नई पहल की है. इस बार स्पेशल कवर के साथ गंगाजल स्टॉल और कैश मित्र जैसी सेवाएं शुरू की जाएंगी.
Pitru Paksha Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से शुरू होगा। पितृपक्ष मेला 2026 से पहले गयाजी पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए डाक विभाग ने नई पहल की है. इस बार डाक विभाग की ओर से स्पेशल कवर जारी किया जाएगा. इसके जरिए देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्री गयाजी के प्रमुख धार्मिक स्थलों, पिंडदान स्थलों, इतिहास और बोधगया से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल कर सकेंगे. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गंगाजल स्टॉल और कैश मित्र जैसी सेवाएं भी शुरू की जा रही हैं.
गंगाजल की भी होगी व्यवस्था
गया डाक विभाग के मगध प्रमंडल अधीक्षक अंशुमान ने बताया कि डाक सेवा और जनसेवा के उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए पितृपक्ष मेला में विशेष व्यवस्था की गई है. उन्होंने बताया कि कैश मित्र सेवा के तहत एक केंद्रीकृत नंबर जारी किया जाएगा. भीड़ के बीच किसी श्रद्धालु को नकदी की जरूरत होने पर वह इस नंबर पर फोन कर सकेगा, जिसके बाद डाक विभाग का कर्मचारी मौके पर पहुंचकर नकदी उपलब्ध कराएगा. वहीं गंगोत्री से मंगाए गए गंगाजल की भी व्यवस्था की जा रही है. बारकोड आधारित पहल जिला प्रशासन की है, जिसमें डाक विभाग सहयोग कर रहा है.
बारकोड स्कैन करते ही मिलेगी मंदिरों और पिंडदान स्थलों की पूरी जानकारी
समाजसेवी कुमार गौरव उर्फ गौरव सिन्हा ने डाक विभाग की पहल को श्रद्धालुओं के लिए बेहद उपयोगी बताया. उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के दौरान भारी भीड़ के कारण कई बार श्रद्धालुओं को यह जानकारी नहीं मिल पाती कि किस स्थान का क्या धार्मिक महत्व है और कहां पिंडदान, तर्पण या अन्य कर्मकांड किए जाते हैं. अब प्रमुख मंदिरों और पिंडदान स्थलों पर लगे बारकोड को मोबाइल से स्कैन करते ही श्रद्धालुओं को वहां का इतिहास, धार्मिक महत्व और अन्य जरूरी जानकारी मिल सकेगी. गयाजी के पंडा राजेश लाल कटयियार ने भी पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे गया की धार्मिक विरासत और पिंडदान की प्राचीन परंपरा की जानकारी देश-दुनिया तक पहुंचेगी.
डिजिटल पहल से देश-दुनिया तक पहुंचेगी गयाजी की धार्मिक विरासत
राजस्थान से गयाजी पहुंचे तीर्थयात्री गणेश कुमार पांडे ने कहा कि बारकोड के माध्यम से पिंडदानी लोग आसानी से गया के इतिहास और धार्मिक महत्व के बारे में जान सकेंगे. उन्होंने कहा कि भीड़ के बीच पंडा या पंडितों से जानकारी लेने में कई बार परेशानी होती है, लेकिन मोबाइल से बारकोड स्कैन कर श्रद्धालु खुद पूरी जानकारी पढ़ सकेंगे. हर साल पितृपक्ष मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु गया पहुंचते हैं. ऐसे में बारकोड आधारित डिजिटल व्यवस्था उन्हें धार्मिक स्थलों की सही जानकारी देने के साथ गयाजी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल माध्यम से दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है.
रिपोर्ट: जय प्रकाश कुमार