महिला होमगार्ड्स पर FIR से भड़का आक्रोश: जमुई के झाझा रेल थाने के बाहर एसोसिएशन का धरना, एकतरफा कार्रवाई का आरोप
जमुई के झाझा रेल थाने में महिला होमगार्ड पर FIR से आक्रोश भड़क चुका है. होमगार्ड एसोसिएशन ने रेल थाना के बाहर धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया.
जमुई जिले के झाझा रेलवे पुलिस स्टेशन में मंगलवार (8 सितंबर, 2026) को GRP कर्मियों और महिला होम गार्ड्स के बीच विवाद शुरू हुआ, जो कि अगले दिन भी जारी रहा. इसके बाद अगले दिन यानी बुधवार (9 सितंबर, 2026) को जमुई होम गार्ड एसोसिएशन के पदाधिकारी और कई सदस्य रेलवे पुलिस स्टेशन पहुंचे. उन्होंने चार महिला होम गार्ड्स के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने का विरोध किया और इसे एकतरफा कार्रवाई बताया. साथ ही, थाने के बाहर धरना भी दिया.
बड़े अधिकारियों से करनी चाहिए थी शिकायत
मिली जानकारी के अनुसार, एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पिंटू कुमार, जिला सचिव सुरेंद्र यादव और पूर्व अध्यक्ष मनोज सिंह ने थानाध्यक्ष मधुसूदन पासवान से मुलाकात की. उन्होंने महिला होमगार्ड का पक्ष भी दर्ज किए जाने की मांग की. साथ ही, पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जीआरपी जवानों ने महिला होमगार्ड के साथ मारपीट की और पिस्टल तानने जैसी हरकत भी की. उनका कहना था कि अगर ड्यूटी में कोई गलती हुई थी, तो इसकी शिकायत बड़े अधिकारियों से करनी चाहिए थी, जो कि बिल्कुल भी नहीं किया गया.
एसोसिएशन ने थाने के बाहर दिया धरना
एसोसिएशन नेताओं ने बताया कि जीआरपी जवान के आवेदन पर चार महिला होमगार्ड के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई. लेकिन, महिला होमगार्ड की तरफ से दिए जा रहे आवेदन को स्वीकार नहीं किया जा रहा है. इसी बात को लेकर थाना परिसर में एसोसिएशन सदस्यों और जीआरपी कर्मियों के बीच बहस भी हुई. इसके बाद एसोसिएशन ने थाना के बाहर धरना शुरू कर दिया. इस दौरान अध्यक्ष पिंटू कुमार ने कहा कि महिला होमगार्ड को न्याय मिलने तक संगठन इस मामले को जिला स्तर पर उठाता रहेगा. बाद में आरपीएफ इंस्पेक्टर आरआर सहाय ने एसोसिएशन के सदस्यों को समझाया, जिसके बाद धरना खत्म कर दिया गया.
रिपोर्ट: अभिषेक निरला