NIA ने वैशाली से एक वकील को किया गिरफ्तार, AK-47 की तस्करी करने का आरोप
एनआईए ने एके-47 तस्करी और हथियारों की आपूर्ति के मामले में वैशाली से वकील संदीप कुमार को गिरफ्तार किया. वहीं, वकील के परिजनों ने एनआईए पर फंसाने का आरोप लगा रहे हैं. परिजनों का कहना है कि हमने एनएआए की शिकायत की है, इसलिए वह परेशान कर रहे हैं और फंसा रहे हैं.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में आधी रात को चलाए गए एक ऑपरेशन के दौरान एक वकील को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी हथियारों की तस्करी और आपूर्ति नेटवर्क से जुड़े एक मामले में की गई है, जिसमें एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं. गिरफ्तारी की पुष्टि नगर थाने के प्रभारी ने भी की है. गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान नगर थाना क्षेत्र के एसडीओ रोड निवासी संदीप कुमार सिंह उर्फ छोटू लाल के रूप में की गई है. वह कथित तौर पर पटना उच्च न्यायालय में एक वकील के रूप में अभ्यास करते हैं.
सूत्रों के मुताबिक, एनआईए की टीम ने उसे रात करीब एक बजे जौहरी बाजार में मुख्य सड़क पर घेरने के बाद पकड़ लिया. वह कथित तौर पर उस वाहन का इंतजार कर रहा था, जिसकी व्यवस्था कथित तौर पर उसे क्षेत्र छोड़ने में मदद करने के लिए की गई थी. पास में पहले से ही मौजूद एजेंसी की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया. घटनास्थल पर एक कार भी जब्त की गई और बाद में स्थानीय नगर पुलिस को सौंप दी गई.
यह गिरफ्तारी एनआईए मामले के सिलसिले में की गई थी, जो एके-47 समेत अवैध हथियारों की कथित तस्करी, खरीद और आपूर्ति से संबंधित है. एजेंसी हथियारों की सोर्सिंग और वितरण में शामिल नेटवर्क और अन्य व्यक्तियों की संभावित भूमिका की जांच कर रही है. संदीप कुमार सिंह पहले भी इसी मामले में एजेंसी की जांच के दायरे में आए थे. एसडीओ रोड पर उनके आवास पर पहले की छापेमारी के दौरान, एनआईए ने कथित तौर पर एक अवैध 9 मिमी पिस्तौल बरामद की थी. एजेंसी तभी से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी.
सूत्रों ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वकील को अपनी गिरफ्तारी का अनुमान था और वह जौहरी बाजार पहुंचने से पहले देर रात अपने आवास से निकल गया था. वह कथित तौर पर वाहन का इंतजार कर रहा था, जब एनआईए की टीम ने उसे रोक लिया. कार्रवाई से स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया. गिरफ्तारी की खबर फैलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई. एनआईए ने कथित हथियार तस्करी नेटवर्क की जांच के तहत आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है. जांचकर्ता आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने, ऑपरेशन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और उनकी संबंधित भूमिकाएं निर्धारित करने की कोशिश कर रहे हैं.
एनआईए की कार्रवाई पर अधिवक्ता के परिजनों ने उठाया सवाल
एनआईए की इस कार्रवाई पर अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा के परिजनों ने सवाल खड़ा किया है. उन्होंने बताया कि एनआईए जानबूझकर अधिवक्ता को फंसा रही है. गिरफ्तार अधिवक्ता के पिता ने बताया कि इससे पहले दो बार एनआईए की टीम रेड कर चुकी है. उन्होंने बताया कि पहली रेड में घर से कुछ बरामद नहीं हुआ था, लेकिन दूसरी रेड में एनआईए ने प्लांट कर घर के बाहर स्थित एक कमरे में रिवाल्वर रखकर बरामदगी दिखाई.
वहीं, अधिवक्ता के चचेरे भाई ने बताया कि दूसरी बार एनआईए द्वारा की गई कार्रवाई और जब्ती सूची को पटना एनआईए कोर्ट में चैलेंज किया गया है, जिसमें कोर्ट एनआईए से जवाब मांग रही है और उसी दुर्भावना से ग्रसित होकर एनआईए ने उनके भाई को गिरफ्तार किया है. अधिवक्ता के पिता ने बताया कि एनआईए की टीम ने दूसरी रेड में उनकी लाइसेंसी गन और कुछ कैश भी लेकर चली गई थी, जिसकी शिकायत एनआईए डीजी से लेकर प्रधानमंत्री तक से की गई है और शायद यही वजह है कि एनआईए अधिवक्ता को परेशान कर रही है.
बता दें कि मुजफ्फरपुर एके-47 बरामदगी मामले में अभी तक 6 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कल देर रात एनआईए ने अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया है. अब इस मामले में शामिल सभी आरोपियों पर शिकंजा कस दिया है.
इनपुट: वैशाली से राजकुमार सिंह और आईएएनएस
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