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बिहार कांग्रेस ने एक बार फिर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. पटना के सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व सांसद, कांग्रेस कार्यसमिति के पूर्व सदस्य और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान के पर्यवेक्षक डॉ. आरसी खुंटिया ने 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली को लेकर बड़ा दावा किया. खुंटिया ने कहा कि इस रैली में बिहार से हजारों लोग शामिल होंगे. बिहार कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंचेंगे. डॉ. खुंटिया के मुताबिक, अब तक करीब 5 से 6 हजार लोगों के जाने की जानकारी मिली है, जबकि उनका अनुमान है कि यह संख्या 10 हजार के पार भी जा सकती है. उन्होंने बताया कि कुछ लोग पहले ही दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि कई लोग ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. आरसी खुंटिया ने वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश के 20 राज्यों में करीब 13 करोड़ 69 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मामला गंभीर है. इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाने के पीछे क्या कारण हैं और क्या इसकी प्रक्रिया पारदर्शी रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट के सत्यापन के दौरान दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के नाम भी प्रभावित हुए हैं. उनका कहना था कि सत्यापन के समय घर पर मौजूद नहीं रहने के कारण कई पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हो सकते हैं. कांग्रेस नेता ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कही.
डॉ. खुंटिया ने राहुल गांधी की ओर से महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों में वोटर लिस्ट को लेकर उठाए गए सवालों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर देखती है. साथ ही, उन्होंने चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव और चुनावी व्यवस्था से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी सवाल उठाए.
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है. कांग्रेस का कहना है कि 1 नवंबर की रैली केवल पार्टी का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा एक व्यापक अभियान है. डॉ. खुंटिया ने दावा किया कि छात्र, युवा, मजदूर और किसान भी इस रैली में शामिल हो सकते हैं.
उन्होंने बेरोजगारी, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और चार लेबर कोड जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इन समस्याओं से प्रभावित लोग भी अपनी आवाज उठाने के लिए दिल्ली पहुंच सकते हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि रैली में उम्मीद से अधिक लोगों की भागीदारी हो सकती है. डॉ. खुंटिया ने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी के अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने में विश्वास रखती है. उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व का बचाव करते हुए कहा कि किसानों, मजदूरों, छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर उनकी यात्राओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों ने देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
उन्होंने दावा किया कि 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली सफल होगी और इसमें बिहार की भागीदारी महत्वपूर्ण रहेगी. कुल मिलाकर, बिहार कांग्रेस ने 1 नवंबर की दिल्ली रैली को लेकर बड़े स्तर पर भागीदारी का दावा किया है. पार्टी का कहना है कि वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों, लोकतांत्रिक अधिकारों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा.
पटना से आत्मजा की रिपोर्ट