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जीतनराम मांझी, प्रशांत किशोर और पवन वर्मा के बाद अब अनंत दंपती, JDU से अब तक कितने नेता निकाले गए?

जदयू की तरफ से अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कितने प्रशांत किशोर, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रहे पवन वर्मा, जीतनराम मांझी को भी इससे पहले पार्टी से निकाला जा चुका है. अब इन्हीं आरोपों के चलते अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को जदयू से 6 साल के लिए बाहर निकाल दिया गया है.

Written By Shailendra
Published: Oct 24, 2026, 08:02 PM IST | Updated: Oct 24, 2026, 09:05 PM IST
Image Credit: JDU से अब तक कितने नेता निकाले गए? (File-Photo)
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अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को शनिवार को जनता दल यूनाइटेड से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. दोनों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप है. जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से स्पीकर को पत्र लिखकर संविधान की 10वीं अनुसूची का हवाला देते हुए विधानसभा की सदस्यता भी रद्द करने की अनुशंसा की गई है. आइए, जानते हैं कि जनता दल यूनाइटेड की ओर से अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कितने नेताओं पर कार्रवाई की जा चुकी है. इस लिस्ट में तमाम बड़े नाम हैं. जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रहे पवन वर्मा, बिहार के मुख्यमंत्री रहे जीतनराम मांझी को भी पूर्व में पार्टी से निकाला जा चुका है.

प्रशांत किशोर को जब पार्टी से निकाला गया था, तब वे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हुआ करते थे और पवन वर्मा राष्ट्रीय महासचिव. प्रशांत किशोर को जिम्मेदारी दी गई थी कि वे पार्टी से युवा वोटरों को जोड़ेंगे, लेकिन आरोप है कि वे वहां अपनी मनमानी चलाने लगे और यह वरिष्ठ नेताओं को रास नहीं आया. वरिष्ठ नेताओं ने नीतीश कुमार से शिकायत की और फिर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था. हालांकि, प्रशांत किशोर और पवन वर्मा यह दावा करते हैं कि उन लोगों ने नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर जनता दल यूनाइटेड के आधिकारिक रूख का विरोध किया था. इसी कारण भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था. दोनों नेताओं के खिलाफ जनवरी, 2020 में कार्रवाई की गई थी.

इससे पहले फरवरी, 2015 में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था. जीतन राम मांझी पर आरोप था कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद का त्याग कर नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाने के पार्टी नेतृत्व के फैसले को मानने से इनकार कर दिया था. 9 फरवरी, 2015 को जनता दल यूनाइटेड के तत्कालीन अध्यक्ष शरद यादव ने जीतन राम मांझी को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था. उसी साल, अगस्त 2015 में जीतन राम मांझी ने जनता दल यूनाइटेड की प्राथमिक सदस्यता और बिहार विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा का गठन किया था.

यह भी पढ़ें: अनंत सिंह... नाम ही काफी है! 'छोटे सरकार' की छवि और विवादों से गहरा नाता रहा है मोकामा के विधायक का

जेडीयू से निकाले या निलंबित किए गए बड़े नेता

बड़ा नामजेडीयू से जुड़ा घटनाक्रम        स्टेटस
उपेंद्र कुशवाहा2007 में निष्कासित; 2013 में फिर पार्टी छोड़कर अलग दल बनायानिष्कासन और बाद में स्वेच्छा से पार्टी छोड़ना अलग घटनाएं हैं
जीतन राम मांझी9 फरवरी 2015 को छह साल के लिए निष्कासितऔपचारिक निष्कासन
शरद यादव2017 में नीतीश कुमार के एनडीए में लौटने के फैसले का विरोध; बाद में जेडीयू से निष्कासनपार्टी से निष्कासन और राज्यसभा सदस्यता की अयोग्यता अलग प्रक्रियाएं थीं
अली अनवर2017 में विपक्षी बैठक में शामिल होने के बाद निलंबित; बाद में पार्टी छोड़ दीनिलंबन और पार्टी छोड़ना अलग घटनाएं हैं
प्रशांत किशोर29 जनवरी 2020 को निष्कासितऔपचारिक निष्कासन
पवन कुमार वर्मा29 जनवरी 2020 को निष्कासितऔपचारिक निष्कासन
शिवानंद तिवारी28 फरवरी 2014 को पांच सांसदों के साथ निष्कासितऔपचारिक निष्कासन
जयनारायण निषाद28 फरवरी 2014 को निष्कासितऔपचारिक निष्कासन
पूर्णमासी राम28 फरवरी 2014 को निष्कासितऔपचारिक निष्कासन
सुशील कुमार सिंह28 फरवरी 2014 को निष्कासितऔपचारिक निष्कासन
मंगनी लाल मंडल28 फरवरी 2014 को निष्कासितऔपचारिक निष्कासन
अनंत सिंह और नीलम देवी24 अक्टूबर 2026 को छह साल के लिए निष्कासितताजा औपचारिक निष्कासन
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शैलेंद्र जी न्यूज के रीजनल चैनल, जी बिहार झारखंड की डिजिटल टीम में चीफ सब एडिटर के तौर पर काम करते हैं. वह बिहार और झारखंड की सियासत और क्राइम समेत कई समसामयिक मुद्दों पर न्यूज लिखते हैं. वह कभी-कभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भी लिखते हैं. उनको मीडिया के तीनों प्रारूप प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल में काम करने का अनुभव. जनसंदेश टाइम्स, स्वतंत्र चेतना, टीवी 100, साधना न्यूज, एफएम न्यूज आदि न्यूज चैनलों से होते हुए न्यूज नेशन, इंडिया अहेड, ईटीवी भारत और न्यूज स्ट्रीट मीडिया (NYOOOZ) में अहम जिम्मेदारी निभाई. मीडिया जगत में सफर पिछले 12 सालों से बिना रुके जारी है.
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