पार्टी से तो निकाले गए, क्या विधायकी भी चली जाएगी? जेडीयू ने स्पीकर से की अनंत सिंह की सदस्यता खत्म करने की अनुशंसा
जनता दल यूनाइडेट ने अनंत सिंह पर सख्त एक्शन लिया है. उनको पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. साथ ही उनकी पत्नी नीलम देवी को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में 6 साल के लिए निकाल दिया. अब पार्टी ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है.
मोकामा विधायक अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड से 6 साल के लिए निकाल दिया गया है. इसके अलावा उन पर दोहरी चोट की तैयारी है. पार्टी ने विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार को पत्र लिखकर मांग की है कि उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाए. पार्टी ने इसके लिए संविधान की 10वीं अनुसूची का जिक्र किया है. अब गेंद विधानसभा अध्यक्ष के पाले में है कि वो इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं. बता दें कि अनंत सिंह के साथ उनकी पत्नी नीलम देवी को भी पार्टी से निकाल दिया गया है.
पार्टी से निष्कासित करना जनता दल यूनाइटेड का विशेषाधिकार है. अनुशासनहीनता के मामलों को आधार बनाकर कोई भी पार्टी अपने सदस्यों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई कर सकती है, लेकिन किसी सदन की सदस्यता रहे या जाए, इसके लिए स्पीकर या चेयरमैन ही कोई फैसला ले सकते हैं.
जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से जारी आदेश में अनंत सिंह के खिलाफ 3 आरोप लगाए हैं.
1. पार्टी के निर्देशों की लगातार अवहेलना करना.
2. शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ लगातार अमर्यादित और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना.
3. विधान परिषद चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करना और दूसरे दल के प्रत्याशी का साथ देना.
क्या पार्टी की अनुशंसा से चली जाएगी अनंत सिंह की विधायकी?
जनता दल यूनाइटेड ने विधानसभा अध्यक्ष से अनंत सिंह की सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की है. हालांकि, जरूरी नहीं कि स्पीकर अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई करें. पार्टी की अनुशंसा मानने के लिए स्पीकर बाध्य नहीं हैं. जनता दल यूनाइटेड ने संविधान की जिस 10वीं अनुसूची को उनकी सदस्यता रद्द किए जाने की मांग का आधार बनाया है, पहले उसके बारे में जान लेते हैं.
संविधान की 10वीं अनुसूची दलबदल के आधार पर विधायकों की अयोग्यता से संबंधित है. इस मामले में स्पीकर के सामने कुछ सवालों को परखने की कसौटी होगी.
1. स्पीकर के सामने जनता दल यूनाइटेड की याचिका के क्या आधार हैं?
2. क्या लगाए गए आरोप संविधान की 10वीं अनुसूची के अनुसार अयोग्यता के आधार बनने के काबिल हैं?
3. पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों पर अनंत सिंह की ओर से क्या सफाई आती है?
अनंत सिंह के निष्कासन का महत्व
जनता दल यूनाइटेड ने अनुशासनहीनता पर कड़ी चोट करते हुए अपने सीटिंग विधायक के खिलाफ कार्रवाई की है. पार्टी की याचिका पर स्पीकर का निर्णय इस कार्रवाई का अगला पड़ाव साबित हो सकता है. मान लीजिए, अगर सदस्यता रद्द होती है तो मोकामा सीट पर उपचुनाव कराया जा सकता है और अनंत सिंह को सदन में आने के लिए फिर से अपनी चुनावी बाजीगरी दिखानी होगी.
नीरज कुमार से क्या अदावत थी अनंत सिंह की?
जनता दल यूनाइटेड ने बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार को फिर से उम्मीदवार बनाया था. अनंत सिंह का आरोप था कि नीरज कुमार ने उनके चुनाव के दौरान उन्हें हराने की कोशिश की थी. इसलिए मैं नीरज कुमार का साथ नहीं दूंगा. चुनाव में अनंत सिंह ने नीरज कुमार के बदले जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का साथ दिया था. अनंत सिंह ने दावा किया था कि नीरज कुमार का प्रभाव खत्म हो चुका है. अनंत सिंह ने तो अनुज सिंह के नामांकन के दौरान 50 हजार रसगुल्ले बंटवाए थे और मतगणना के दिन के लिए भी मिठाइयां बनवाने लगे थे. मतदान के दिन दोपहर में ही अनुज सिंह के विजयी होने की भविष्यवाणी करते हुए अनंत सिंह ने अपने आवास पर आतिशबाजी भी करवाई थी.
यह भी पढ़ें: अनंत सिंह... नाम ही काफी है! 'छोटे सरकार' की छवि और विवादों से गहरा नाता रहा है मोकामा के विधायक का