जमुई में MDM चावल की कालाबाजारी का खुलासा: 23 बोरी चावल के साथ डोर-स्टेप डिलीवरी वाहन जब्त
Jamui News: जमुई के चकाई में एमडीएम के सरकारी चावल की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है. पूर्व एमएलसी संजय प्रसाद ने 23 बोरी चावल लदे डोर-स्टेप डिलीवरी वाहन को पकड़कर पुलिस के हवाले किया.
Jamui News: जमुई जिले के चकाई प्रखंड क्षेत्र में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) के सरकारी चावल की कालाबाजारी का मामला सामने आया है. बुधवार को क्षेत्र भ्रमण से लौट रहे पूर्व विधान पार्षद संजय प्रसाद ने रामचंद्रडीह-चकाई मुख्य मार्ग पर एमडीएम का चावल ले जा रहे डोर-स्टेप डिलीवरी वाहन को खुले में चावल बेचते रंगेहाथ पकड़ लिया और चकाई थाना पुलिस के हवाले कर दिया. घटना के बाद पूर्व एमएलसी संजय प्रसाद ने स्थानीय निरीक्षण भवन में प्रेस वार्ता कर व्यवस्था और संवेदक पर गंभीर आरोप लगाए.
संजय प्रसाद ने पीछा कर पकड़ा चावल लदा वाहन
संजय प्रसाद ने बताया कि वे एक निजी कार्यक्रम से लौट रहे थे. इसी दौरान उन्होंने देखा कि एक वाहन रास्ते में अवैध तरीके से चावल की बोरियां उतार रहा था. उनकी गाड़ी देखते ही चालक वाहन आगे बढ़ाने लगा. इसके बाद पीछा कर वाहन को रोका गया. इस वाहन में 23 बोरी चावल भरा था. संजय प्रसाद ने बताया कि उन्होंने तत्काल एमओ से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उनके बाहर होने पर चकाई थानाध्यक्ष को सूचना दी गई. इसके बाद पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर वाहन को जब्त कर लिया.
भ्रष्टाचार पर पूर्व MLC ने उठाए सवाल
पूर्व MLC ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि चकाई जिला मुख्यालय से काफी दूर है, जिस कारण अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो पाती और यहां भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है. उन्होंने मांग की कि स्कूलों के बच्चों के निवाले पर डाका डालने वाले भ्रष्ट संवेदक का अनुबंध तत्काल रद्द कर उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए. वहीं, घटना की सूचना मिलते ही बीडीओ सह बीईओ मनीष आनंद चकाई थाना पहुंचे और मामले की गहन जांच-पड़ताल में जुट गए. बीईओ ने जब्त वाहन, चालक के बयान और चावल के चालान से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी है.
संवेदक ने भी माना, मजदूर बेच रहे थे चावल
अधिकारियों ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं, संवेदक भरत यादव ने भी माना कि प्लास्टिक की बोरी में कुछ मजदूरों द्वारा चावल बेचा जा रहा था. ऐसे में अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग की ओर से संवेदक भरत यादव के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है.
रिपोर्ट: अभिषेक निरला