जमालपुर-भागलपुर तीसरी रेल लाइन परियोजना मुंगेर के किसानों को बनाएगी मालामाल! जल्द शुरू होगा भूमि अधिग्रहण
मुंगेर में जमालपुर-भागलपुर तीसरी रेल लाइन परियोजना का काम शुरू होने वाला है. इसके लिए जल्द भूमि अधिग्रहण शुरू होगा. मुंगेर जिला के डीएम ने इसका निरीक्षण किया. माना जा रहा है कि इस परियोजना से जिले के किसान मालामाल हो जाएंगे, क्योंकि जब उनकी जमीन का अधिग्रहण होगा, तो मुआवजा मिलेगा, जो मार्केट रेट से कई गुना ज्यादा होता है.
मुंगेर जिला के साहिबगंज लूप रेलखंड पर ट्रेनों का दबाव कम करने और मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के लिए रेलवे की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना ने अब जमीन पर आकार लेना शुरू कर दिया है. जमालपुर से भागलपुर के बीच तीसरी रेलवे लाइन बिछाने के लिए प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसी को लेकर मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणिकर ने रेलवे के आला अधिकारियों के साथ पूरे रेलखंड पर ट्रॉली से निरीक्षण किया.
जमालपुर जंक्शन से लेकर खड़िया-पीपरा हॉल्ट तक निरीक्षण
यह निरीक्षण मुंगेर जिला सीमा में पड़ने वाले जमालपुर जंक्शन से लेकर खड़िया-पीपरा हॉल्ट तक किया गया. इस दौरान रेलवे के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन गोपाल पाठक, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी पंकज गुप्ता, डीसीएलआर रविशंकर उरांव समेत निर्माण विभाग के कई इंजीनियर मौजूद थे. निरीक्षण के कारण जमालपुर से सुल्तानगंज के बीच डाउन लाइन पर दो घंटे का मेगा ब्लॉक भी लिया गया था.
प्रोजेक्ट में कुल 155.5984 एकड़ जमीन का अधिग्रहण
जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणिकर ने बताया कि जमालपुर से भागलपुर के बीच कुल 53 किलोमीटर में तीसरी लाइन बिछाई जानी है. इस 53 किमी में से करीब 18 किमी का हिस्सा मुंगेर जिले की सीमा में आता है. उन्होंने बताया कि इस 18 किमी के लिए रेलवे को 60.32 एकड़ जमीन की आवश्यकता है, जबकि जमालपुर से भागलपुर तक पूरे प्रोजेक्ट में कुल 155.5984 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है. हमारा प्रयास है कि किसानों को उचित मुआवजा देकर जल्द से जल्द जमीन रेलवे को हैंडओवर की जाए, ताकि निर्माण कार्य में देरी न हो.
'कहां-कहां रैयती और कहां सरकारी जमीन है?'
उन्होंने आगे कहा कि आज हमने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ मौके पर यह देखा है कि कहां-कहां रैयती और कहां सरकारी जमीन है. भू-अर्जन शाखा को तेजी से सर्वे करने का निर्देश दिया गया है.
परियोजना का डीपीआर 1094 करोड़ रुपये का बनाया गया
जिलाधिकारी ने बताया कि इस परियोजना का डीपीआर 1094 करोड़ रुपये का बनाया गया था. यह सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरत है. इस रूट पर मालगाड़ियों का दबाव बहुत ज्यादा है. तीसरी लाइन बनने के बाद मालगाड़ियों को अलग ट्रैक मिल जाएगा और यात्री ट्रेनें समय पर चलेंगी. यात्रियों के लिए नई ट्रेनों के परिचालन का रास्ता खुलेगा और रेलवे के राजस्व में भी बड़ी वृद्धि होगी. जमीन मिलते ही हम युद्धस्तर पर काम शुरू कर देंगे.
जमालपुर-भागलपुर तीसरी लाइन उसी मेगा प्लान का पहला चरण
गौरतलब है कि पिछले साल 6 दिसंबर को पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर जब जमालपुर आए थे, तो उन्होंने घोषणा की थी कि बरहरवा से किउल तक तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने की योजना है. जमालपुर-भागलपुर तीसरी लाइन उसी मेगा प्लान का पहला चरण है.
रिपोर्ट: प्रशांत कुमार