बिहारियों को बिहार में ऐसे मिलेगी नौकरी? वैशाली की डीएम तो हैदराबाद, मुंबई और बेंगलुरु के लिए आवेदन मंगा रहीं
वैशाली जिले की डीएम वर्षा सिंह के निर्देश पर जॉब कैम्प का आयोजन किया गया. इसमें हैदराबाद, मुंबई और बेंगलुरु में नौकरी करने के लिए आवेदन मंगा रहीं हैं.
बिहार में रोजगार का मुद्दा हमेशा से सुर्खियों में रहता है. यह सूबे की सियासत राजनीतिक दलों का एक प्रमुख मुद्दा भी होता है. हर बिहारियों को राज्य में ही रोजगार देने की बात करता है. बिहार की एनडीए सरकार राज्य में ही युवाओं को रोजगार मुहैय्या करने की बात करती है, लेकिन इसके उलट 28 अक्टूबर बुधवार को वैशाली जिले के डीएम का एक पोस्ट एकाएक चर्चा में आ गया. चलिए जानते हैं कि बिहारियों को बिहार में ऐसे मिलेगी नौकरी? वैशाली की डीएम तो हैदराबाद, मुंबई और बेंगलुरु के लिए आवेदन मंगा रहीं, इसके बारे में सबकुछ.
दरअसल, वैशाली जिला नियोजनालय की तरफ से 28 अक्टूबर 2026 को दिग्घी कला पश्चिमी स्थित कार्यालय परिसर में एक जॉब कैम्प का आयोजन किया गया है. जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर आयोजित इस शिविर का उद्देश्य 10वीं, 12वीं और स्नातक पास युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार देना है, लेकिन इस विज्ञापन के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. वजह है कार्यस्थल- इस जॉब कैम्प में चयन के बाद युवाओं को मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु में नौकरी दी जाएगी.
जॉब कैम्प की मुख्य बातें
समय: सुबह 10:30 बजे तक उपस्थित हों
स्थान: जिला नियोजनालय, यदुवंशी नगर, 54 रेलवे गेट, दिग्घी कला पश्चिमी, हाजीपुर
रिक्त पद: पिकर/पैकर, स्कैनर, बिलर और ऑडिटर
योग्यता: 10वीं / 12वीं / स्नातक
आयु सीमा: 18-35 वर्ष
वेतन: 20,000 रुपए प्रतिमाह
सुविधा: निःशुल्क आवास
कार्यस्थल: मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु
आवश्यक दस्तावेज: बायोडाटा, आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र और अंकपत्र तथा पासपोर्ट आकार के 2 रंगीन फोटो
शर्त: जॉब कैम्प में भाग लेने के लिए बिहार रोजगार सेतु (Bihar Rojgar Setu) पोर्टल पर निबंधन अनिवार्य है
वहीं, वैशाली डीएम कार्यालय के इस नोटिस के सामने आने के बाद स्थानीय युवाओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है. लोगों का कहना है कि बिहार के युवाओं को अपनों से दूर बड़े शहरों में मजदूरी या छोटे पदों पर काम करने के लिए ही भेजा जा रहा है. जबकि, बिहार सरकार राज्य में ही युवाओं को नौकरी देने की बात करती है. आखिर क्या हुआ सरकार का राज्य में ही नौकरी देने का वादा?
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