ऐ गुंजन... अरे मिठइया ले जा रे: नीरज कुमार ने तो अनंत सिंह को रोस्ट कर दिया
'दुश्मनी जमकर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे, जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा न हों.' बशीर बद्र की इन बातों के उलट नीरज कुमार और अनंत सिंह अपनी दुश्मनी की राह में बहुत आगे जा चुके हैं. पता नहीं, फिर कभी ये लोग दोस्त बन पाएंगे या नहीं.
बिहार विधान परिषद चुनाव में पटना स्नातक सीट से जनता दल यूनाइटेड के नीरज कुमार जीत की ओर बढ़ रहे हैं. यों कहा जाए कि उनकी जीत अब तय हो चुकी है. ऐसे में नीरज कुमार ने एक लाख लोगों के लिए मिठाई बनवा के बैठे अनंत सिंह पर तंज कसते हुए कहा, ऐ गुंजन... ले जा मिठइया (गुंजन... मिठाई लेकर जाओ). नीरज कुमार का यह बयान वायरल हो रहा है. नीरज कुमार जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह और राष्ट्रीय जनता दल के डॉ. दिलीप पर उतने आक्रामक नहीं हैं, जितने कि अनंत सिंह पर. पूरे चुनाव में इन दोनों के बीच टशन चलती रही. अनंत सिंह तो अनुज सिंह की जीत को लेकर इतने आश्वस्त थे कि नामांकन के दिन 50 हजार और मतगणना के दिन के लिए एक लाख लोगों के लिए गुलाब जामुन और रसगुल्ला बनवाकर बैठे हुए थे. अब नीरज कुमार उसी मिठाई पर चुटकी ले रहे हैं. भोजपुरी गायक गुंजन सिंह का नाम उन्होंने इसलिए लिया, क्योंकि वे जन सुराज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं और इस विधान परिषद चुनाव में उनका और अनंत सिंह का एक ऑडियो वायरल हुआ था.
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अनंत सिंह जब अनुज सिंह के लिए प्रचार में निकलते थे, तो सुबह से लेकर शाम तक नीरज कुमार की हार की भविष्यवाणी करते रहते थे. अब नीरज कुमार के पास मौका है उनकी खिल्ली उड़ाने का, क्योंकि अनंत सिंह के लाख दावों के बाद भी जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि जो बनाया है. अनंत सिंह ने नीरज कुमार क्या क्या नहीं बोला था. हम पुदीना सिंह हैं... सारा गैस निकाल देंगे... जैसे बयान से अनंत सिंह ने पूरे चुनाव भर लोगों का मनोरंजन तो किया ही, विधान परिषद चुनाव में जनता की दिलचस्पी भी जगा दी थी. इससे पहले विधान परिषद चुनाव बड़ा नीरस हुआ करता था.
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था और 27 अक्टूबर को मतगणना शुरू हुई थी. सबसे पहले शिक्षक निर्वाचन सीटों पर मतगणना हुई, जिनमें एक भारतीय जनता पार्टी, एक राष्ट्रीय जनता दल, एक जन सुराज पार्टी और एक निर्दलीय विजयी हुए थे. अभी सभी स्नातक सीटों के रिजल्ट नहीं आए हैं. पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार आगे जरूर चल रहे हैं, तो कोसी सीट पर लगातार तीसरी दफा बीजेपी आगे है.
तिरहुत सीट पर निर्दलीय वंशीधर बृजवासी आगे हैं तो दरभंगा से सर्वेश कुमार बीजेपी की ओर से बढ़त बनाए हुए हैं. खास बात यह रही कि कांग्रेस को 8 में से एक भी सीट हासिल होती नहीं दिख रही है, जबकि इनमें से एक सीट उसके पास पहले से थी. दरभंगा शिक्षक सीट हारने के बाद कांग्रेस का विधान परिषद में बस एक सदस्य रह गया है. अगर महागठबंधन मिलकर चुनाव लड़ता तो संभव था कि रिजल्ट कुछ और होता.