खुशखबरी: गोरखपुर-किशनगंज-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया, बक्सर-भागलपुर और मुजफ्फरपुर-बरौनी हाइवे को मिली मंजूरी
बिहार में कुल मिलाकर 1,64,518 करोड़ की सड़क परियोजनाओं की स्वीकृति मिलने से राज्य के विकास को पंख लगेंगे, इसमें कोई शक नहीं है. कई जगहों पर आर्थिक गलियारा भी विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा लोगों की यात्रा सुगम हो सकेगी.
नई दिल्ली: बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास, चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, बाईपास निर्माण एवं रेल ओवरब्रिज से संबंधित परियोजनाओं की वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 को लेकर शुक्रवार को एक बैठक हुई. बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के कुल 14 प्रोजेक्टों को मंजूरी मिली. इन राजमार्गों की कुल लंबाई लगभग 1,685 किलोमीटर और कुल अनुमानित लागत 1,39,578 करोड़ रुपये है. नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI के प्रोजेक्टों में गोरखपुर-किशनगंज-सिलीगुड़ी, रक्सौल-हल्दिया, बक्सर-भागलपुर, मुजफ्फरपुर-बरौनी, छपरा-रेवाघाट-मुजफ्फरपुर, पटना नॉर्दर्न रिंग रोड आदि शामिल हैं.
बैठक की अध्यक्षता सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव वी. उमाशंकर ने की. बैठक में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल सहित MoRTH, NHAI तथा पथ निर्माण विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे. बैठक में इस बात की चर्चा की गई कि बिहार में सड़क अवसंरचना को कैसे बेहतर किया जाए.
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग एवं पथ निर्माण विभाग, बिहार के कुल 18 प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई. इनकी कुल लंबाई लगभग 739 किलोमीटर तथा अनुमानित लागत 24,940 करोड़ रुपये है. इन परियोजनाओं में NH-333A का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, दरभंगा-जयनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, बरियारपुर-बिशनपुर खंड, सीतामढ़ी-चिरौत खंड और विभिन्न बाईपास एवं फोरलेन प्रोजेक्ट शामिल हैं.
प्रमुख बाईपास परियोजनाओं में जयनगर के उत्तर एवं दक्षिण बाईपास के साथ कमला नदी पर नए पुल का निर्माण, समस्तीपुर बाईपास, सिंघेश्वर एवं मधेपुरा बाईपास तथा डुमरांव बाईपास शामिल हैं. इसके अतिरिक्त विक्रमशिला एप्रोच, मसरख-चकिया-भीठा मोड़, छपवा-बेतिया तथा नौबतपुर-अरवल-औरंगाबाद-हरिहरगंज खंड की चार लेन परियोजनाएं भी कार्ययोजना का हिस्सा हैं. रेल ओवर ब्रिज से संबंधित परियोजनाओं में NH-120 एवं NH-727 पर विभिन्न स्थानों पर ROB निर्माण के कार्य भी इसमें शामिल हैं.
कुल मिलाकर वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 के तहत बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग, पथ निर्माण विभाग, बिहार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से संबंधित कुल 2,424 किलोमीटर की परियोजनाओं को स्वीकति दी गई, जिनकी कुल अनुमानित लागत 1,64,518 करोड़ रुपये है.
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि राज्य में परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार से महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है. इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से बिहार के आर्थिक विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी, औद्योगिक गलियारों का विस्तार होगा और आम जनता का सफर न केवल सुरक्षित बल्कि बेहद सुगम हो जाएगा. बेहतर सड़क संपर्क से आवागमन, माल परिवहन तथा प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलेगी.