गया में अंधविश्वास का खेल: 'डायन' पकड़ने के लिए झारखंड से बुलाई गईं 3 महिला तांत्रिक, पुलिस ने दबोचा
Gaya News: कुंडिल गांव में मौत के बाद ग्रामीणों ने अंधविश्वास के चलते चंदा जुटाकर झारखंड से तीन महिला तांत्रिकों को बुलाया. तंत्र-मंत्र की क्रिया के दौरान पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. उसके बाद उन्हें बॉन्ड पर छोड़ दिया गया.
Gaya News: बिहार के गया जिले में अंधविश्वास का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. गया जिले के बांके बाजार थाना क्षेत्र के कुंडिल गांव में हुई मौत से खौफ में आए लोगों ने चंदा जुटाकर डायन को पकड़ने के लिए झारखंड से तीन महिला तांत्रिकों को बुलाया था. तंत्र-मंत्र की क्रिया देखने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई. इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों महिला तांत्रिकों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी.
तांत्रिक क्रिया की सूचना पर पहुंची पुलिस
मंदिर के समीप बने सामुदायिक भवन के अंदर झारखंड से पहुंची तीन महिला तांत्रिक अपनी तांत्रिक क्रिया कर रही थीं. इसी दौरान किसी ने स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दे दी. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तांत्रिक क्रिया को तत्काल रुकवाया. इसके बाद पुलिस ने तीनों महिला तांत्रिकों को हिरासत में लेकर थाने ले गई. उधर, तीनों तांत्रिकों को हिरासत में लिए जाने के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए. आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ थाने पहुंच गई और जमकर हंगामा किया. वहीं, पुलिस के काम में विरोध करने के आरोप में 15 नामजद समेत 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
50 हजार चंदा जुटाकर झारखंड से बुलाई गई थीं तांत्रिक
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने आसपास के लोगों से करीब 50 हजार रुपये चंदा जमा किए थे और झारखंड के चतरा जिले के पत्थलगड़ा से तीन महिला तांत्रिकों को बुलाया था. दावा किया जा रहा था कि तांत्रिक अपनी तांत्रिक शक्ति से एक महिला को डायन बताकर नचाएंगी और जमीन पर पटक देंगी. यह बात आसपास के गांवों में फैलती चली गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए. तंत्र-मंत्र की क्रिया देखने के लिए वहां काफी भीड़ जमा हो गई थी.
अंधविश्वास फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
इस संबंध में बांके बाजार थाना अध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि अंधविश्वास फैलाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में तीन महिला तांत्रिकों समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया गया था. पूछताछ के बाद उन्हें बॉन्ड पर छोड़ दिया गया है. उन्होंने बताया कि गांव में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है. अंधविश्वास फैलाने और भीड़ जुटाने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
रिपोर्ट: जय प्रकाश कुमार