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आजादी के बाद पहली बार बदलेगी दोन की तस्वीर! सड़क, बिजली, अस्पताल समेत 2 दर्जन विकास कार्यों पर सरकार गंभीर

West Champaran News: पश्चिम चंपारण के दुर्गम दोन क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है. सड़क, बिजली, पुल-पुलिया, अस्पताल और मोबाइल टावर समेत करीब दो दर्जन विकास कार्यों को लेकर सरकार ने मास्टर प्लान पर काम शुरू किया है.

आजादी के बाद पहली बार बदलेगी दोन की तस्वीर! सड़क, बिजली, अस्पताल समेत 2 दर्जन विकास कार्यों पर सरकार गंभीर
Image Credit: आजादी के बाद पहली बार बदलेगी दोन की तस्वीर (zee media)

West Champaran News: आजादी के बाद अब दोन को मुख्यधारा से जोड़ने के साथ-साथ करीब दो दर्जन विकास कार्यों को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है. वर्षों से उपेक्षित पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर प्रखंड अंतर्गत दोन में चहुंमुखी विकास की मांग को लेकर बीजेपी विधायक और बिहार सरकार में मत्स्य, डेयरी एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम ने भरोसा दिलाया है. उन्होंने दावा किया है कि राज्य और केंद्र सरकार दोन में मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान बनाकर काम कर रही हैं. इसी सिलसिले में पिछले कुछ महीनों के दौरान दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से दोनवासियों के शिष्टमंडल के साथ वार्ता भी हुई है. मंत्री के मुताबिक, गृह मंत्री ने दोन के विकास को लेकर आश्वासन दिया है. वहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी दोन को गोद लेने का आग्रह किया है.

नक्सल मुक्त घोषित किया जा चुका है
2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान रेड कॉरिडोर के रूप में चर्चित दोन के दुर्गम क्षेत्र को नक्सल मुक्त घोषित किया जा चुका है. इसके बाद अब यहां युद्धस्तर पर सड़क, बिजली, पानी, अस्पताल और पुल-पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की कवायद चल रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही वन विभाग से NOC मिलने के बाद दोन में चौतरफा विकास कार्यों को गति मिलेगी.

भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम क्षेत्र
यह स्थान भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम 'दोन क्षेत्र' कहलाता है, जो कि एक पहाड़ी और घने जंगलों (वाल्मीकि टाइगर रिजर्व/VTR के आसपास) से घिरा इलाका है. इस क्षेत्र में छोटी-बड़ी लगभग 22 नदियां और पहाड़ी नाले प्रवाहित होते हैं. ये दोनों पंचायतें गोबरहिया थाना क्षेत्र में आती हैं, जहां करीब 15 से 20 हजार की थारू आदिवासी बहुल आबादी निवास करती है.

अब विकास की जगी उम्मीद
बरसात के दौरान हर साल करीब तीन से चार महीने तक बाढ़ और कटाव के कारण दोन के लोग टापू जैसे हालात में रहने को मजबूर हो जाते हैं. क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि एक ही पहाड़ी नदी कई स्थानों से होकर गुजरती है. लंबे समय से यहां बिजली, सड़क, पुल और अस्पताल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव रहा है. हालांकि, अब दोनवासियों की समस्याओं को लेकर विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर गृह मंत्री तक गंभीर नजर आ रहे हैं. क्षेत्र में मोबाइल टावर, सड़क निर्माण, पुल-पुलिया और अस्पताल की सुविधा के साथ-साथ बिजली पहुंचाने की योजनाओं पर तेजी से काम किए जाने की बात कही जा रही है.

वोट बहिष्कार के बाद सरकार गंभीर
बताया जा रहा है कि 2025 के विधानसभा चुनाव में पहली बार दोनवासियों ने जत्थे में वोट बहिष्कार कर मतदान से खुद को वंचित रखा था. इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह की ओर से मिले आश्वासन और दोन के विकास को लेकर सरकार की सक्रियता से अब लोगों में उम्मीद जगी है. स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री नंदकिशोर राम भी क्षेत्र के विकास को लेकर आगे आए हैं. दोन न केवल नक्सल मुक्त, बल्कि दहेज मुक्त क्षेत्र के रूप में भी अपनी अलग पहचान रखता है, जहां दहेज लेना और देना दोनों पाप माना जाता है. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से घिरे इस इलाके में पहाड़ी नदियों और घने सदाबहार जंगलों के बीच की प्राकृतिक खूबसूरती इसे खास बनाती है. अब सरकार की समग्र विकास योजना के जरिए दोन को प्रखंड, अनुमंडल और जिला मुख्यालय से बेहतर तरीके से जोड़ने की उम्मीद है.

रिपोर्ट: इमरान अजीज

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About the Author

Rupak Kumar

Rupak Kumar

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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