SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

बेगूसराय में फर्जी NGO का भंडाफोड़, आधार कार्ड और दस्तावेज लेकर ग्रामीणों को ठगते थे, पुलिस ने 3 को पकड़ा

बेगूसराय में फर्जी NGO का भंडाफोड़ हुआ है. आधार कार्ड और दस्तावेज लेकर ग्रामीणों से ठगी करने के मामले में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है.

Edited By Ranjana Kumari
Published: Nov 06, 2026, 10:17 AM IST | Updated: Nov 06, 2026, 10:45 AM IST
Image Credit: बेगूसराय में फर्जी NGO का भंडाफोड़ (जी मीडिया)
Join

बेगूसराय में फर्जीवाड़ा और ठगी के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं, एक अन्य आरोपी पुलिस को देखकर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया. पुलिस ने मौके से नौ मोबाइल फोन, पांच चेकबुक, कई फर्जी दस्तावेज और आर्मी की वर्दी बरामद की है. इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. पूरा मामला तेयाय ओपी क्षेत्र के तेयाय गांव का है. इस संबंध में तेयाय ओपी प्रभारी पल्लवी कुमारी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तेयाय गांव निवासी चंदन चौधरी के घर पर कुछ व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर एनजीओ के कर्मचारी के रूप में काम कर रहे हैं.

धोखाधड़ी और ठगी करने का आरोप

आरोप है कि ये लोग ग्रामीणों से आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज प्राप्त कर उनके साथ धोखाधड़ी और ठगी कर रहे थे. सूचना के सत्यापन के बाद ओपी प्रभारी पल्लवी कुमारी पुलिस बल के साथ चंदन चौधरी के घर पहुंचीं और छापेमारी की. इस दौरान पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अन्य व्यक्ति मौके से फरार हो गया.गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव निवासी माधव कुमार उर्फ सुशील, तेयाय ओपी क्षेत्र के दादपुर गांव निवासी श्याम सुंदर साव और तेयाय गांव निवासी चंदन चौधरी के रूप में हुई है.

फर्जी दस्तावेज और आर्मी की वर्दी बरामद

पुलिस के अनुसार, फरार आरोपी की पहचान माधव कुमार ने अपने भाई गोलू कुमार के रूप में बताई है.पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से नौ मोबाइल फोन, पांच चेकबुक, कई फर्जी दस्तावेज और आर्मी की वर्दी बरामद की है. ओपी प्रभारी ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में बेगूसराय भेज दिया गया है. वहीं, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.

मामले की जांच में जुटी पुलिस

स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि चंदन चौधरी के घर पर पिछले करीब तीन वर्षों से दो व्यक्ति रहकर 'कमलपीठ संगठन' नामक गैर सरकारी एवं गैर-लाभकारी संगठन का संचालन कर रहे थे. हालांकि, संगठन की वास्तविक गतिविधियां क्या थीं और इसके जरिए कितने लोगों के साथ ठगी की गई है, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा. फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और कथित ठगी के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.

रिपोर्ट: जितेंद्र चौधरी

यह भी पढ़ें: भोजपुर राम कुमार सिंह हत्याकांड: हथियार बरामद कराने के दौरान भागा शूटर पवन यादव, पुलिस ने किया 'हाफ एनकाउंटर'

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES