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बेगूसराय में फर्जीवाड़ा और ठगी के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं, एक अन्य आरोपी पुलिस को देखकर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया. पुलिस ने मौके से नौ मोबाइल फोन, पांच चेकबुक, कई फर्जी दस्तावेज और आर्मी की वर्दी बरामद की है. इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है. पूरा मामला तेयाय ओपी क्षेत्र के तेयाय गांव का है. इस संबंध में तेयाय ओपी प्रभारी पल्लवी कुमारी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तेयाय गांव निवासी चंदन चौधरी के घर पर कुछ व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर एनजीओ के कर्मचारी के रूप में काम कर रहे हैं.
आरोप है कि ये लोग ग्रामीणों से आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज प्राप्त कर उनके साथ धोखाधड़ी और ठगी कर रहे थे. सूचना के सत्यापन के बाद ओपी प्रभारी पल्लवी कुमारी पुलिस बल के साथ चंदन चौधरी के घर पहुंचीं और छापेमारी की. इस दौरान पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अन्य व्यक्ति मौके से फरार हो गया.गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव निवासी माधव कुमार उर्फ सुशील, तेयाय ओपी क्षेत्र के दादपुर गांव निवासी श्याम सुंदर साव और तेयाय गांव निवासी चंदन चौधरी के रूप में हुई है.
पुलिस के अनुसार, फरार आरोपी की पहचान माधव कुमार ने अपने भाई गोलू कुमार के रूप में बताई है.पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से नौ मोबाइल फोन, पांच चेकबुक, कई फर्जी दस्तावेज और आर्मी की वर्दी बरामद की है. ओपी प्रभारी ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में बेगूसराय भेज दिया गया है. वहीं, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि चंदन चौधरी के घर पर पिछले करीब तीन वर्षों से दो व्यक्ति रहकर 'कमलपीठ संगठन' नामक गैर सरकारी एवं गैर-लाभकारी संगठन का संचालन कर रहे थे. हालांकि, संगठन की वास्तविक गतिविधियां क्या थीं और इसके जरिए कितने लोगों के साथ ठगी की गई है, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा. फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और कथित ठगी के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.
रिपोर्ट: जितेंद्र चौधरी