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भागलपुर में EOU की बड़ी कार्रवाई: कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास के 5 ठिकानों पर छापेमारी, आय से अधिक संपत्ति का हुआ खुलासा

Bhagalpur News: आर्थिक अपराध इकाई ने नारद कुमार दास से जुड़े भागलपुर, मुंगेर, पटना और मुजफ्फरपुर के पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है. प्रारंभिक जांच में 83.53 लाख रुपये की आय से अधिक संपत्ति सामने आने की बात कही गई है.

Edited By Rupak Kumar
Published: Oct 08, 2026, 01:10 PM IST | Updated: Oct 08, 2026, 01:20 PM IST
Image Credit: कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास के 5 ठिकानों पर eou की छापेमारी (zee media)
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Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर में योजना एवं विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता की संपत्ति को लेकर EOU ने ऐसा एक्शन लिया है, जिसने सरकारी महकमे में हलचल बढ़ा दी है. आर्थिक अपराध इकाई की 10 सदस्यीय टीमों ने कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास से जुड़े पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है. यह कार्रवाई भागलपुर से लेकर मुंगेर, पटना और मुजफ्फरपुर तक चल रही है.

आय से अधिक संपत्ति का खुलासा
EOU की प्रारंभिक जांच में अभी तक कूल 83 लाख 53 हजार 200 रुपये की संपत्ति सामने आने की बात कही गई है, जिसे उनकी आय से अधिक माना गया है. जांच एजेंसी के मुताबिक, यह संपत्ति ज्ञात आय से 64.93 प्रतिशत अधिक है. अब सवाल सीधा है कि आखिर सरकारी नौकरी से हुई ज्ञात आय और संपत्ति के इस अंतर की वजह क्या है?

चार जिलों में EOU की छापेमारी
विशेष निगरानी न्यायालय, पटना से तलाशी वारंट मिलने के बाद EOU की टीमों ने सुबह-सुबह अलग-अलग ठिकानों पर धावा बोला. भागलपुर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र स्थित हनुमान पथ के आवास से लेकर मुंगेर के बेलन बाजार बंगाली टोला, कासिम बाजार स्थित आवास और सरकारी कार्यालय तक दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. मुजफ्फरपुर के नया टोला स्थित राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट और पटना के रूपसपुर स्थित कुसुमपुर मोहल्ले के आवास पर भी EOU की टीम तलाशी ले रही है. जमीन के कागजात से लेकर बैंक और निवेश से जुड़े दस्तावेज तक हर रिकॉर्ड की जांच की जा रही है.

83 लाख की संपत्ति पर उठे सवाल
नारद कुमार दास साल 2014 से मुंगेर में कार्यरत बताए जाते हैं. आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 28/26 के बाद अब जांच का दायरा चार जिलों तक पहुंच गया है. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 83 लाख से ज्यादा की कथित अतिरिक्त संपत्ति आखिर कहां से आई? किन-किन जगहों पर निवेश किया गया? और छापेमारी में कौन-कौन से दस्तावेज सामने आते हैं? इन सवालों के जवाब अब EOU की जांच पूरी होने के बाद सामने आएंगे.

रिपोर्ट: अश्वनी कुमार

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About the Author

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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