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बिहार में अब अधिकारी बनेंगे टीचर, हफ्ते में लेंगे एक क्लास और पढ़ाएंगे मनपसंद विषय, सम्राट सरकार की आ गई नई योजना

Bihar Model School: बिहार में अब जिला स्तर के अधिकारी हर हफ्ते बनेंगे टीचर बनेंगे और अपने मनपसंद विषय को पढ़ाएंगे. साथ ही, मॉडल स्कूलों की अनुशासन और बुनियादी सुविधाओं पर भी नजर रखेंगे.

Written By Ranjana Kumari
Published: Sep 21, 2026, 10:01 AM IST | Updated: Sep 21, 2026, 10:36 AM IST
Image Credit: बिहार में अब अधिकारी बनेंगे टीचर (AI Generated Image)
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Bihar Model School: बिहार के स्कूलों में प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्थाओं में सुधार के लिए शिक्षा विभाग ने एक अनोखी पहल शुरू की है. इस योजना के तहत, राज्य भर के लगभग 700 मॉडल स्कूलों यानी सरस्वती विद्या निकेतन को जिला-स्तरीय अधिकारियों से जोड़ा जा रहा है. ये अधिकारी अब सिर्फ कागजी कामकाज तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ वे शिक्षक की भूमिका में भी नजर आएंगे. अधिकारियों को हर हफ्ते कम से कम एक क्लास लेना होगा. शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन ने इस संबंध में सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश जारी किए हैं.

सप्ताह में कम से कम एक क्लास लेना जरूरी
मिली जानकारी के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत, अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करेंगे, शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और जहां जरूरी हो, सुधार के लिए निर्देश जारी करेंगे. इन अधिकारियों की एक मुख्य जिम्मेदारी यह होगी कि वे अपनी पसंद के किसी विषय पर हर हफ्ते कम से कम एक क्लास खुद लें. इसके अलावा, वे क्लासरूम की गतिविधियों, होमवर्क और नोट्स पर बारीकी से नजर रखेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो रहा है.

अंग्रेजी कौशल मजबूत करने पर फोकस
पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ अनुशासन और बुनियादी सुविधाओं पर भी खास फोकस रखना होगा. अधिकारी बिजली, पीने का पानी, शौचालय और स्कूल की हालत जैसी सुविधाओं की जांच करेंगे. इसके अलावा, शिक्षकों और प्रिंसपल की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नियमित बैठकें भी की जाएंगी. छात्रों की इंग्लिश लैंग्वेज को और बेहतर बनाने के लिए खास एक्टिविटी जैसे डिबेट, व्याकरण के अभ्यास और लिखने पर भी ध्यान दिया जाएगा.

'ई-शिक्षा कोष' पोर्टल किया जाएगा पंजीकृत 
अधिकारियों को इन गतिविधियों और स्कूलों की जमीनी स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके शिक्षा विभाग को देनी होगी. इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, सभी संबंधित अधिकारियों को स्कूल-वार 'ई-शिक्षा कोष' पोर्टल पर रजिस्टर किया जाएगा. जिला शिक्षा अधिकारी इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य-स्तरीय बैठकों में समीक्षा करेंगे. बता दें कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बिहार के मॉडल स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना और छात्रों का भविष्य संवारना है, ताकि वे राज्य का नाम रोशन कर सकें.

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About the Author

रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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