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भागलपुर विक्रमशिला सेतु: दूसरे हिस्से पर गर्डर फिक्स, तीसरे पर लॉन्चिंग की तैयारी... क्या फिर दौड़ेंगे भारी वाहन?

भागलपुर विक्रमशिला सेतु को लेकर अच्छी खबर सामने आई है. दूसरे हिस्से पर गर्डर लग चुका है और तीसरे पर लगाने की तैयारी की जा रही है. लेकिन, सबसे बड़ा सवाल- क्या विक्रमशिला सेतु पर दौड़ेंगे भारी वाहन? आइए जानते हैं-

भागलपुर विक्रमशिला सेतु: दूसरे हिस्से पर गर्डर फिक्स, तीसरे पर लॉन्चिंग की तैयारी... क्या फिर दौड़ेंगे भारी वाहन?
Image Credit: विक्रमशिला सेतु (जी मीडिया)

अंग प्रदेश से कोसी और सीमांचल को जोड़ने वाली लाखों लोगों की उम्मीद विक्रमशिला सेतु को लेकर बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है. सेतु के दूसरे और सबसे अधिक क्षतिग्रस्त हिस्से पर स्टील ट्रस ब्रिज का गर्डर सफलतापूर्वक फिक्स कर दिया गया है. इसके साथ ही पुल अब धीरे-धीरे अपने पुराने स्वरूप में लौटता दिखाई देने लगा है. वहीं, तीसरे हिस्से पर भी गर्डर लॉन्चिंग की तैयारी तेज कर दी गई है. इसके लिए 24 घंटे मजदूरों और इंजीनियरों की टीम काम में जुटी हुई है.

क्षतिग्रस्त स्लैब की जगह स्टील गर्डर

स्टील गर्डर को मजबूती से स्थापित करने के लिए पहले कंक्रीट बीम को काटा जा रहा है. इसके बाद नई बेयरिंग लगाकर गर्डर को सेट किया जाएगा. इसी प्रक्रिया के तहत कुल चार क्षतिग्रस्त स्लैब की जगह स्टील गर्डर लॉन्च किए जाएंगे. गर्डर की स्थापना के बाद उस पर ढलाई का काम होगा और माना जा रहा है कि ढलाई के 28 दिन बाद पुल की क्षमता परखने के लिए लोड टेस्ट किया जा सकता है.

लोहे की रेलिंग और हल्के फुटपाथ की तैयारी

इधर, पुल की रेलिंग और फुटपाथ को भी बदला जा रहा है. भारी निर्माण सामग्री की जगह लोहे की रेलिंग और हल्के फुटपाथ तैयार किए जाएंगे, ताकि पुल पर अतिरिक्त भार कम किया जा सके. मिली जानकारी के अनुसार, मरम्मत कार्य जनवरी तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि, लोगों के मन में अब भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मरम्मत के बाद विक्रमशिला सेतु पर भारी वाहनों का परिचालन भी शुरू हो पाएगा? फिलहाल इसको लेकर कोई ताजा आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

निर्माण कार्य पूरा होने के बाद साफ होगी तस्वीर

कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सेतु को पहले की तरह दुरुस्त करने की बात कही थी. वहीं पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने भी भरोसा दिलाया था कि पुल को इस तरह तैयार किया जा रहा है, ताकि सभी तरह के वाहन चल सकें. हालांकि, इन तमाम दावों और उम्मीदों की असली तस्वीर निर्माण कार्य पूरा होने और लोड टेस्ट के नतीजे सामने आने के बाद ही साफ हो पाएगी.

रिपोर्ट: अश्वनी कुमार

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Ranjana Kumari

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रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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