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भागलपुर की बेटी वंशिका विराज ने बढ़ाया बिहार का मान, 20 साल की उम्र में बनीं कैडेट पायलट

बिहार के भागलपुर जिले के घोघा की रहने वाली वंशिका विराज ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. विश्वजीत सिंह की बेटी वंशिका का महज 20 साल की उम्र में इंडिगो में कैडेट पायलट के पद पर चयन हुआ है. अब वह ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस जाएंगी.

Edited By Rupak Kumar
Published: Nov 07, 2026, 10:14 AM IST | Updated: Nov 07, 2026, 10:28 AM IST
Image Credit: प्रतिकात्मक तस्वीर (AI Photo)
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बिहार की बेटियां अब सिर्फ सपने ही नहीं देख रही हैं, बल्कि अपने हौसले और मेहनत से उन सपनों को उड़ान भी दे रही हैं. ऐसी ही एक मिसाल भागलपुर जिले के घोघा की रहने वाली वंशिका विराज ने पेश की है. विश्वजीत सिंह की बेटी वंशिका ने बिहार का नाम गौरवान्वित किया है. उनका चयन इंडिगो में कैडेट पायलट के पद पर हुआ है और अब उन्हें ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस भेजा जा रहा है. महज 20 वर्ष की उम्र में इस पद पर चयनित होने वाली वह बिहार की इकलौती बेटी मानी जा रही हैं.

पांच राउंड की चयन प्रक्रिया पार कर बनीं कैडेट पायलट

इंडिगो की ओर से पांच राउंड में चयन प्रक्रिया पूरी की गई थी. फाइनल राउंड तक कुल 10 लोगों का चयन हुआ, जिसमें बिहार से इकलौती वंशिका विराज भी शामिल हैं. वंशिका ने इंटरमीडिएट के बाद केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित विमानन अकादमी में डीजीसीए के पाठ्यक्रम के अनुसार फ्लाइट से जुड़ी शिक्षा ली. इसके बाद उन्होंने कैडेट पायलट के लिए आवेदन किया. आवेदन के बाद उनका चयन एप्टीट्यूड टेस्ट, इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन और मेडिकल प्रक्रिया के आधार पर हुआ. इन सभी चरणों को सफलतापूर्वक पार करने के बाद वंशिका कैडेट पायलट बन गईं.

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फिलीपींस में लेंगी 200 घंटे का उड़ान प्रशिक्षण

वंशिका अब ट्रेनिंग के लिए फिलीपींस जाएंगी, जहां उन्हें 200 घंटे तक का उड़ान प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके साथ ही हवाई उड़ान से जुड़ी कई तरह की तकनीकी जानकारियां भी दी जाएंगी. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वह भारत लौटेंगी और यहां उड़ान प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पायलट बनेंगी. वंशिका ने जी मीडिया से बातचीत में बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की है. इस दौरान उन्हें कई परेशानियों का सामना भी करना पड़ा. इतना ही नहीं, दिल्ली में बिहारी होने की वजह से उन्हें हतोत्साहित किया गया और तरह-तरह की बातें सुननी पड़ीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार अपना मुकाम हासिल कर लिया.

बेटी की सफलता से गदगद हैं माता-पिता

वंशिका की सफलता पर उनके अभिभावक खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं. उनके माता-पिता ने बताया कि वंशिका बचपन से ही पढ़ाई में तेज रही हैं. पिता का सपना था कि उनकी बेटी डॉक्टर बने, लेकिन वंशिका ने एविएशन के क्षेत्र को चुना. अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने इस क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. उनकी सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे भागलपुर में खुशी का माहौल है.

रिपोर्ट: अश्वनी कुमार

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About the Author

रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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