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अनंत सिंह को एक और बड़ा झटका, जेडीयू से निकाले जाने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद केस में दिया सरेंडर करने का आदेश

JDU से निष्कासित बाहुबली विधायक अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को एक दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है.

Edited By Ranjana Kumari
Published: Oct 30, 2026, 11:12 AM IST | Updated: Oct 30, 2026, 12:49 PM IST
Image Credit: अनंत सिंह (file photo)
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जनता दल यूनाइटेड से पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में 6 साल के लिए निकाले गए मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को दुलारचंद मर्डर केस में 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है. दुलारचंद मर्डर केस में आरोपी विधायक अनंत सिंह को हाई कोर्ट ने जमानत दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.

अनंत सिंह पर दुलारचंद यादव की हत्या का आरोप

बता दें कि आज से ठीक एक साल पहले बिहार विधानसभा चुनाव के बीच मोकामा विधानसभा क्षेत्र में 30 अक्टूबर को हुई हिंसक झड़प ने राजनीतिक हलचल मचा दी थी. जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थक 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की मौत के मामले में जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह समेत अन्य की गिरफ्तारी की गई. वहीं,  पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि दुलारचंद की मौत गोली लगने से नहीं, बल्कि वाहन से कुचलने से मौत हुई.

क्या था पूरा मामला?

घटना दोपहर करीब 3:30 बजे घोसवरी और भदौर थाना क्षेत्र की सीमा पर घटी. अनंत सिंह और पीयूष प्रियदर्शी के काफिले संकरे रास्ते से गुजर रहे थे. रास्ता देने को लेकर बहस हुई, जो पथराव में बदल गई. अनंत सिंह के 10-12 वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि प्रियदर्शी के तीन वाहनों को नुकसान पहुंचा. झड़प में दर्जनों लोग घायल हुए, जिनमें स्थानीय निवासी भी शामिल थे. दुलारचंद यादव, तारतर जागीर टोला के निवासी, पैर में चोट लगने के बाद गाड़ी के नीचे आ गए, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई.

दुलारचंद यादव की हत्या का आरोप अनंत सिंह के ऊपर लगा. हालांकि, अनंत सिंह ने आरोपों को सिरे से खारिज किया. उस दौरान अनंत सिंह ने कहा था कि वह अपने समर्थकों के साथ क्षेत्र में गए थे, जहां कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके खिलाफ नारेबाजी और गाली-गलौज शुरू कर दी. इसके बावजूद उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और वहां से निकल गए. अनंत सिंह ने कहा कि घटना के समय वहां मौजूद लोगों के पास पहले से हथियार थे. 

उन्होंने यह भी दावा किया कि यह पूरी रणनीति राजद नेता सूरजभान सिंह के द्वारा रची गई थी, ताकि वोटों को डिस्टर्ब किया जा सके. बता दें कि इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 नवंबर 2025 की रात अनंत सिंह और उनके साथियों के साथ गिरफ्तार किया. फिर बेऊर जेल भेजा गया था. वहीं, 19 मार्च 2026 को पटना HC से अनंत सिंह को जमानत मिल गई थी. वहीं, अब एक बार फिर से उनकी मुश्किलें बढ़ गई है.

इनपुट- IANS

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About the Author

रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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