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सीमांचल के बेरोजगार युवाओं को विदेश में रोजगार का झांसा देकर उन्हें बंधुआ मजदूरी करवाने के गंभीर आरोप में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन यानी एआईएमआईएम के नेता हाजी नाहीद गनी और उसके साथी मोहम्मद तबरेज को किशनगंज पुलिस ने एसटीएफ की मदद से पटना से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ अब तक कुल सात मामले दर्ज हैं. जिसमें किशनगंज जिले के बहादुरगंज में एक, कोचाधामन में दो, बिशनपुर में एक और पूर्णिया जिले के रौटा थाने में तीन मामले दर्ज हैं. विशनपुर पुलिस ने मुहम्मद सुलेमान की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एआईएमआईएम नेता हाजी नाहीद गनी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ जारी है.
किशनगंज एसडीपीओ खुसरू सिराज ने पत्रकारों को बताया कि 28 सितंबर को विशनपुर थाने में मुहम्मद सुलेमान ने शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के अनुसार, हाजी नाहीद गनी ने उनके बेटे नूर जफर को टूरिस्ट वीजा बनाकर विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख अस्सी हजार रुपये ठग लिए है.
आरोपी ने कथित रूप से पाकिस्तानी एजेंट के साथ मिलकर सैकड़ों युवाओं को बंधुआ मजदूर बना दिया. पाकिस्तानी एजेंट ने भारतीय युवा मलेशिया पहुचते ही उसके वीजा को छीन लिया जाता है.और सभी युवाओं को एक कमरे में बंद कर वहां के कंपनी में जबरन बंधुआ मजदूरी करवाया जाता है.
उन्होंने अपने आवेदन में लिखा कि मलेशिया में इमिग्रेशन पुलिस की छापेमारी के दौरान कई युवाओं को जंगल में भागकर छिपना पड़ा. कुछ भारतीय युवा गिरफ्तार हो जाते है.जब युवा परेशान होकर भारत वापस आना चाहते है तो युवाओं को वापस भारत लाने के नाम पर भी गिरफ्तार आरोपी मोटी रकम वसूलते थे.
एसडीपीओ खुसरू सिराज ने बताया कि इस मामले में दो नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस गिरोह के अन्य आरोपियों की संलिप्तता की जांच जारी है. पुलिस ने कहा है कि सीमांचल के युवाओं को रोजगार के झांसे में फंसाकर विदेश भेजने और उनका शोषण करने वाले इस गिरोह के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.
रिपोर्ट: अमित सिंह