तेज रफ्तार कार में अचानक Power Button दबा दिया तो क्या होगा? जानें इंजन, ब्रेक और स्टीयरिंग का हाल
हाईवे या ट्रैफिक में ड्राइविंग के दौरान अक्सर मन में सवाल आता है कि चलती कार का पावर बटन दबाने पर क्या होगा. आइए जानते हैं कि इस सवाल का जवाब, साथ ही जानेंगे कि इस स्थिति में कार का सेफ्टी सिस्टम कैसे काम करता है.
अक्सर ट्रैफिक में फंसे होने पर या हाईवे पर लंबी ड्राइविंग के दौरान लोगों के मन में ख्याल आता है कि अगर चलती गाड़ी का इंजन स्टार्ट-स्टॉप यानी पावर बटन दवा दिया जाए, तो क्या होगा? क्या इंजन तुरंत बंद हो जाएगा, डैशबोर्ड पर वार्निंग आने लगेंगी या फिर कुछ भी नहीं होगा? इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस कंपनी की कार चला रहे हैं और बटन को किस तरह से दबा रहे हैं. कार बनाने वाली कंपनिया इस तरह की स्थितियों के लिए गाड़ियों में सेफ्टी फीचर्स देती हैं. हालांकि, किसी भी सड़क पर इसका खुद ट्रायल करना बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है.
एक बार बटन दबाने से क्या होगा?
जब आप नार्मल स्पीड में गाड़ी चलाते हुए सिर्फ एक बार पावर बटन दबाते हैं, तो सेफ्टी फीचर के कारण से कार का इंजन अचानक बंद नहीं होता है. कंपनी का सेफ्टी सिस्टम इसे एक इंसानी गलती या भूल मानता है. इसलिए कार बंद होने के बजाय डैशबोर्ड पर तुरंत एक वॉर्निंग आ जाता है या फिर बटन की लाइट टिमटिमाने लगती है, जिससे ड्राइवर को अलर्ट किया जा सके. हालांकि, यह फीचर सेफ्टी के लिहाज से बनाया गया है, फिर भी चलती गाड़ी में इसका टेस्ट करने से बचना चाहिए.
लगातार बटन दबाने से क्या होगा?
अगर आप चलती गाड़ी में पावर बटन को कुछ सेकंड तक लगातार दबाकर रखते हैं, तो गाड़ी का कंप्यूटर इसे किसी बड़ी इमरजेंसी मान लेता है और किल स्विच फीचर को ऑन कर देता है. इसके बाद गाड़ी में यह बदलाव होते हैं-
इंजन तुरंत बंद होना
कार का इंजन पूरी तरह बंद हो जाता है और डैशबोर्ड की स्क्रीन की लाइट बंद हो जाती है.
ब्रेक और स्टीयरिंग का भारी होना
इंजन बंद होते ही पावर असिस्ट फीचर काम करना बंद कर देता है. लेकिन ब्रेक और स्टीयरिंग पूरी तरह से फेल नहीं होते, लेकिन वे बहुत कड़े और भारी हो जाते हैं, जिससे गाड़ी को मोड़ना और रोकना बहुत मुश्किल हो जाता है.
गियर का न्यूट्रल होना
कई एडवांस और प्रीमियम गाड़ियों में सेफ्टी के रूप में इंजन बंद होते ही गियर अपने आप न्यूट्रल मोड पर चला जाता है.
वहीं अगर आप बार-बार बटन दबाते हैं तो कुछ कारों जैसे कि BMW में इंजन ऑफ हो जाता है. एक टेस्ट में सामने आया है कि ऐसा करने से कार में एरर कोड आ गया और डैशबोर्ड पर वार्निंग लाइट जलने लगी, जो बार-बार स्टार्ट करने पर भी नहीं गई.
कंपनियों ने इसे क्यों बनाया है?
कार बनाने वाली कंपनियों को यह पता है कि ड्राइविंग के दौरान गलती से ड्राइवर का हाथ इंजन स्टार्ट बटन पर जा सकता है. इसलिए एक बार बटन दबाने पर कार में कुछ नहीं होता है. लेकिन इसे किल स्विच की तरह भी बनाया गया है. लंबे समय तक प्रेस करके रखने या बार-बार प्रेस करने से गाड़ी बंद हो जाती है. इसका फायदा एक यह भी है कि अगर कभी कार का एक्सीलेटर फंस जाए या कोई और बड़ी खराबी आ जाए, तो बटन को दबाकर रखकर या बार-बार दबाकर कार को रोका जा सकता है.