बारिश में हेलमेट भी हो जाता है खराब! भूल से भी न करें ये 5 गलतियां, लंबे समय तक देगा पूरा साथ
मॉनसून में बाइक चलाना भले ही खुशनुमा लगे, लेकिन बारिश की नमी आपके हेलमेट को नुकसान पहुंचा सकती है. सही देखरेख न मिलने से हेलमेट की मजबूती और सेफ्टी दोनों प्रभावित होती है. इसलिए आइए जानते हैं 5 आसान उपाय, जो आपके हेलमेट को खराब होने से बचाएंगे.
बारिश के मौसम में बाइक चलाने का अपना अलग ही मजा होता है, लेकिन यही मौसम आपके रक्षक यानी हेलमेट का सबसे बड़ा दुश्मन भी बन सकता है. मॉनसून में पानी की नमी और हवा की ठंडक हेलमेट के अंदरूनी हिस्सों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है. अगर आप चाहते हैं कि आपका हेलमेट लंबा चले और हर सफर में आपको पूरी सुरक्षा दे, तो आपको कुछ बातों का खास ख्याल बरसात के दिनों में रखना होगा, नहीं तो आपका रक्षक साथी बेकार हो सकता है. आइए जानते हैं...
खुद सूखने के लिए न रखें
बारिश में भीगने के बाद अक्सर लोग हेलमेट को ऐसे ही किसी कोने में खुद से ही सूखने के लिए रख देते हैं. बारिश के मौसम में हवा में नमी होती है, ऐसे में हेलमेट सूखने में बहुत टाइम ले लेता है. ऐसा करना उसके अंदर मौजूद थर्मोकोल और पैडिंग को कमजोर बना देता है. जब भी आप भीगकर आएं, हेलमेट के अंदरूनी कपड़ों को निकालकर पंखे की हवा में सुखाएं. इसके साथ ही एक बात का खास ख्याल रखें कि इसे सुखाने के लिए कभी भी हेयर ड्रायर या सीधी धूप का सहारा न लें, क्योंकि तेज गर्मी से इसका सेफ्टी मटीरियल खराब हो जाता है.
रबर की सील का रखें खास ध्यान
हेलमेट के वाइजर के किनारे जो रबर की पट्टी लगी होती है, वही पानी को अंदर जाने से रोकती है. लगातार भीगने से यह रबर कड़क होकर कटने लगती है. इससे बचने के लिए बारिश का मौसम शुरू होते ही इस पर थोड़ा सा सिलिकॉन स्प्रे या ग्रीस लगा दें. इससे रबर मुलायम रहेगी और अंदर पानी की बूंदें नहीं टपकेंगी.
विजन साफ रखने के लिए करें ये काम
मॉनसून में सबसे बड़ी परेशानी वाइजर पर पानी जमने और धुंध छाने की होती है. रात के समय यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो सकती है. सफर को सुरक्षित बनाने के लिए ऐसे हेलमेट लें, जिनमें एंटी-फॉग तकनीक पहले से मौजूद हो. आज के समय में मार्केट में बहुत से मॉडल्स आते हैं, जो वाइजर पर नमी को टिकने नहीं देते और सामने का नजारा एकदम साफ रखते हैं.
डबल लेयर सेफ्टी से दूर होगी भाप की समस्या
जब बाहर बारिश हो रही हो और आप सांस लेते हैं, तो हेलमेट के अंदर भाप जमने लगती है. इससे बचने के लिए पिनलॉक शीट या डबल लेयर वाले वाइजर का इस्तेमाल काफी फायदेमंद रहता है. यह तकनीक बाहर के ठंडे और अंदर के गर्म तापमान के बीच तालमेल बनाए रखती है, जिससे तेज बारिश में भी शीशा धुंधला नहीं होता.
लॉक और बकल को जंग से बचाएं
हेलमेट की पट्टी में लगा लॉक बारिश के पानी से बहुत जल्दी जाम हो जाता है या उसमें जंग लग जाती है. इससे बचने के लिए हर दो हफ्ते में बकल पर थोड़ा सा एंटी-रस्ट स्प्रे करते रहें. इससे लॉक स्मूथ काम करेगा और अचानक कभी अटकने की नौबत नहीं आएगी.