पेट्रोल 300..सिलेंडर 3000 के पार, कहां पहुंच गया पाकिस्तान; क्या खाने के भी पड़ेंगे लाले?
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पेट्रोल 300..सिलेंडर 3000 के पार, कहां पहुंच गया पाकिस्तान; क्या खाने के भी पड़ेंगे लाले?

Pakistan: इन सबके बीच पाकिस्तान में आम चुनाव भी सिर पर हैं. वहां चुनावों का बिगुल लगभग बज चुका है. जनता बेहाल है, एक्सपर्ट्स चिंता जता रहे हैं कि कहीं वहां खाने के लाले ना पड़ जाएं. अगर ऐसा हुआ तो वहां की जनता के लिए यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण होगा.

पेट्रोल 300..सिलेंडर 3000 के पार, कहां पहुंच गया पाकिस्तान; क्या खाने के भी पड़ेंगे लाले?

Inflation In Pakistan: पाकिस्तान की गैरजिम्मेदार हुकूमत का खामियाजा हमेशा से ही वहां की जनता को भुगतना पड़ रहा है. इसी कड़ी में एक बार फिर पाकिस्तान बुरे दौर से गुजर रहा है. वहां महंगाई की दर रिकॉर्ड स्तर को टच कर रही है. वहां महंगाई दर सितंबर महीने में बढ़कर 31.4 प्रतिशत हो गई है जबकि अगस्त में यह 27.4 प्रतिशत थी. इसके चलते पेट्रोल डीजल और एनर्जी सेक्टर में महंगाई बढ़ गई है. सिलेंडर तीन हजार के पार पहुंच गया है जबकि पेट्रोल ने भी तिहरा शतक लगा दिया है. यह सब तब हो रहा है जब पाकिस्तान में आम चुनाव भी सिर पर हैं. वहां चुनावों का बिगुल लगभग बज चुका है. इन सबके बीच जनता बेहाल है. उनका भविष्य शायद गर्त में चला गया है.

आईएमएफ ने दिवालिया होने से बचाया
दरअसल, रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान ने बेलआउट पैकेज के तहत आईएमएफ की शर्तों को पूरा करने के लिए सितंबर के महीने में फ्यूल की कीमतों में इजाफा किया था. जिसके बाद देश महंगाई की रफ्तार बढ़ गई है. यह बात सही है कि पाकिस्तान बीते दिनों ही दिवालिया होने के कगार पर था लेकिन आईएमएफ ने जुलाई में उसे तीन अरब डॉलर का पैकेज देकर दिवालिया होने से बचा लिया. लेकिन इसके बाद पाकिस्तान पर कई कड़ी शर्तें आईएमएफ की तरफ से रख दी गई थीं. 

अंतरराष्ट्रीय सर्वे में भी फेल
एक रिपोर्ट में पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो के हवाले से बताया गया है कि कंज्यूमर कीमतें सितंबर में एक साल पहले की तुलना में 31.44 फीसदी बढ़ीं है. यह आंकड़ा ब्लूमबर्ग सर्वे में 30.95 फीसदी की वृद्धि और अगस्त में 27.4 फीसदी की वृद्धि के औसत अनुमान से काफी ज्यादा है. अभी इतना ही नहीं पाकिस्तान पॉलिसी मेकर्स 30 अक्टूबर को होने वाली मीटिंग में पॉलिसी रेट्स में इजाफा कर सकते हैं.

अभी और बढ़ सकती है महंगाई?
ब्याज दरों के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंचने के बाद जून से लगातार तीन महीने महंगाई में कमी देखने को मिली थी. इस महीने, केंद्रीय बैंक को उम्मीद है कि ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण महंगाई में और इजाफा होगा. अगले साल जून तक लाभ धीमा रहेगा. ब्लूमबर्ग ने बताया कि इस साल, मूल्य वृद्धि का औसत अनुमान 20 फीसदी से 22 फीसदी तक है. इन सबके साथ ही पाकिस्तानी रुपए की गिरती कीमत ने भी उनकी परेशानी बढ़ाई है. महंगाई के इस स्तर के चलते वहां की जनता की हालत ठीक नहीं है.

सरकार ने क्या कहा?
महंगाई के बीच पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने अपनी मासिक रिपोर्ट में यह जरूर कहा है कि आने वाले कुछ महीनों तक महंगाई दर 29-31 प्रतिशत के आसपास ही रहेगी और अगले साल की शुरुआत में इसमें थोड़ी राहत मिल सकती है. महंगाई के मोर्चे पर पाकिस्तान की तुलना भारत से करें, तो ये करीब पांच गुना ज्यादा है. पाकिस्तान में हालत यह है कि हालात ये हो गई है कि एक मशहूर फूड चेन रेस्तरां को पाकिस्तान में तीन इंच का सैंडविच बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

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