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बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद उसपर आरोप लग रहे हैं कि वो बदले की भावनाओं के साथ काम कर रही है. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि हाल ही में वायुसेना के अधिकारी की लाश नदी में मिली है. बांग्लादेश की पुलिस ने 29 अक्तूबर को लाश मिलने की पुष्टि की है. अफसरों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की वजह पता चल पाएगी. अफसर का नाम केएम तहसिफ सूरी बताया जा रहा है.
सौरी ने सफेद पतलून और काली कमीज पहनी हुई थी. पुलिस ने शुरू में लाश को एक अज्ञात व्यक्ति का बताकर बरामद किया. उसकी जेब से मिले आईफोन से उसकी पहचान करने मदद मिली. साथ ही एक घड़ी भी बरामद हुई. लाश को पोस्टमार्टम के लिए ढाका के शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया.
इस अफसर का नाम उस वीडियो को लेकर सामने आया था, जिसमें 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना बांग्लादेश छोड़कर भारत आती दिखाई दी थीं. परिवार का कहना है कि लाश मिलने से पहले से वो लापता थे. लाश मिलने की खबर के कुछ घंटों बाद सूरी की चचेरी बहन मोश्फेका जहान ने फेसबुक पर आरोप लगाया कि शेख हसीना के वीडियो को लेकर उत्पीड़न का सामना करने के बाद उनकी हत्या कर दी गई. मोश्फेका का आरोप है कि वायुसेना से हटाए जाने के बाद भी उनका पीछा किया जाता था.
दरअसल कहा यह जा रहा है कि जब शेख हसीना 5 अगस्त को अपना देश छोड़कर भारत आ रही थीं, तो उनका एक वीडियो वायरल हुआ था. यह वीडियो इसी अफसर ने बनाया और शेयर किया था. जबकि उनकी बहन का दावा है कि वीडियो किसी दूसरे अफसर ने रिकॉर्ड किया था और सौरी ने सिर्फ उसे साझा किया था. हालांकि, अधिकारियों ने न तो वीडियो जारी करने में उनकी संलिप्तता की पुष्टि की है और न ही वीडियो और सौरी की मौत के बीच कोई संबंध बताया है.
वायुसेना से हटाए जाने के बाद उठे थे कई सवाल उठे थे. बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश के आईएसपीआर ने 4 अगस्त 2025 को उनके रिटायरमेंट के संबंध में एक बयान जारी किया था. उन्होंने बताया था कि सौरी को संस्थागत नियमों के मुताबिक अलग परिस्थितियों में और उनके खिलाफ कोई आरोप न होने की वजह से रिटायर्ड किया गया था. हालांकि, खबरों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं में उनको हसीना के भागने के फुटेज से जुड़े विवाद के चलते हटाया गया.