ईरान ने बॉर्डर पर लगाया ताला, 'बिचौलिए' पाकिस्तान में चूल्हे हो जाएंगे ठप? 8000 रुपये के पार LPG सिलेंडर
पाकिस्तान में LPG की भारी किल्लत हो गई है. घरेलू गैस सिलेंडर अब डबल रेट में मिल रहा है. पाकिस्तान में यह हालात कैसे और क्यों बने? आइए जान लेते हैं...
कंगाल पाकिस्तान पर एक नई मुसीबत टूटी है. यह मुसीबत है महंगाई की. महंगाई की ताजा वजह LPG की भारी किल्लत है. कुछ हफ्तों पहले तक 12 किलो का गैस सिलिंडर 4500 रुपये में मिल रहा था, उसकी कीमतें अब डबल हो चुकी हैं. पाकिस्तान पर आई इस नई आफत की वजह उसका पड़ोसी मुल्क ईरान है, जिसने बॉर्डर पर ऐसा ताला जड़ा कि पूरे पाकिस्तान में एलपीजी सिलिंडर के लिए मारामारी मच गई. गब्द-रिमदान और तफ्तान बॉर्डर बंद होते ही 4500 रुपये वाला सिलिंडर अब कालाबाजारी में 7000 से लेकर 8200 पाकिस्तानी रुपये में मिल रहा है.
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 2 प्रमुख बॉर्डर क्रॉसिंग गब्द-रिमदान और तफ्तान बंद क्यों हैं? इसे लेकर दोनों देशों के अपने-अपने तर्क हैं. पाकिस्तान की बलूचिस्तान सरकार का कहना है कि सुरक्षा के खतरों को देखते हुए और बॉर्डर से होने वाली अवैध तस्करी पर नकेल कसने के लिए यह फैसला लिया गया है, जबकि ईरान ने इसके पीछे तकनीकी दिक्कतों का हवाला दिया था.
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि अमेरिकी दबाव और पाबंदियों के डर से यह रास्ते बंद किए गए हैं, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने इन अटकलों को सिरे से खारिज किया है.
बॉर्डर पर फंसे सैकड़ों गैस टैंकर
पाकिस्तान हर रोज ईरान से करीब 7,000 मीट्रिक टन एलपीजी मंगाता है, जिसमें से 4,000 टन से ज्यादा गैस अकेले गब्द-रिमदान बॉर्डर से आती थी, लेकिन बॉर्डर बंद होते ही दोनों साइड सैकड़ों गैस टैंकरों की लंबी लाइन दिख रही है.
बताया जा रहा है कि अकेले ईरानी सीमा की तरफ ही 4,500 मीट्रिक टन से ज्यादा गैस अटक गई. इसी का असर है कि पाकिस्तानी बाजारों में तुरंत एलपीजी की किल्लत हो गई और सिलिंडर के दाम सीधे डबल हो गए. LPG संकट की सबसे ज्यादा मार आम परिवारों पर पड़ रही है और उनके घर का बजट बिगड़ चुका है. इस संकट के बीच कई कालाबाजारी और जमाखोरी की खबरें भी आई हैं.
अलग-अलग शहरों में मनमाने रेट
पाकिस्तान के तेल और गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) ने 11.8 किलो के सिलिंडर की सरकारी कीमत 3296 रुपये तय की है, लेकिन अब हालात यह हैं कि बाजार में सिलिंडर दोगुने से भी ज्यादा रेट पर कालाबाजारी में बिक रहा है. बलूचिस्तान में सिलिंडर 7000 रुपये, लाहौर में 7500 रुपये और स्कर्दू में रिकॉर्ड 8200 रुपये तक पहुंच गया है.
70% गैस आयात पर निर्भर, वैकल्पिक रास्ते भी बंद
दरअसल, पाकिस्तान अपनी जरूरत की 70% एलपीजी बाहर से मंगाता है, जिसमें से आधी (50%) सप्लाई अकेले ईरान से होती है. 17 अक्टूबर से दोनों देशों के बीच दो अहम बॉर्डर क्रॉसिंग बंद हैं. पाकिस्तान को ईरान के अलावा इराक और ओमान से भी गैस मिलती है, लेकिन होर्मुज में ईरान के तनाव और जंग के खतरे से वह रास्ता भी लगभग बंद पड़ा है. यही वजह है कि पाकिस्तान में एलपीजी गैस का संकट खड़ा हो चुका है.
कूटनीतिक बातचीत जारी
LPG को लेकर खड़े हुए संकट के बाद अब पाकिस्तान पड़ोसी मुल्क ईरान से रिश्तों के बीच संतुलन साधने की कोशिश में जुटा हुआ है. दोनों मुल्कों के बीच बातचीत का दौर तो चल रहा है, मगर गैस की किल्लत जस की तस बनी हुई है. कहा जा रहा है कि अगर जल्द ही गैस की सप्लाई पटरी पर नहीं लौटी, तो महंगाई का यह झटका और खतरनाक हो सकता है.
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