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प्रशांत महासागर में 30°C पार पहुंचा तापमान! El Nino के खतरनाक रूप से बढ़ी वैज्ञानिकों की चिंता, भारत पर क्या होगा असर?

NOAA और WMO की ताजा रिपोर्ट ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. प्रशांत महासागर में उबलता 30 डिग्री सेल्सियस मजबूत अल नीनो का संकेत दे रहा है. मानसून में कमी के बाद अब भारत में इससे बढ़ती गर्मी और सूखे का खतरा बढ़ गया है.

Written By Udbhav Tripathi
Published: Oct 24, 2026, 05:06 PM IST | Updated: Oct 24, 2026, 05:18 PM IST
Image Credit: भारत पर अल नीनो का असर
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दुनिया भर के मौसम का मिजाज तय करने वाले प्रशांत महासागर से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने दुनिया भर के मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है. इतिहास में पहली बार प्रशांत महासागर का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक आंकड़े को पार कर दिया है. इस महासागर के इतना ज्यादा गर्म होने की वजह है अल नीनो का सबसे खतरनाक रूप. अमेरिकी एजेंसी NOAA और WMO के डेटा साफ इशारा कर रहे हैं कि समंदर का यह बढ़ता हुआ खतरा सिर्फ एक प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि आने वाली बड़ी तबाही का इशारा है.

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हजारों किलोमीटर दूर समंदर में उबलते इस पानी का असर भारत पर क्या पड़ेगा? जब इस साल मानसून पहले ही 13% कम बारिश देकर सूखा छोड़ गया है, तो अल नीनो का यह नया रिकॉर्ड आने वाले महीनों में देश के खेतों, तापमान और आम जिंदगी पर कितना भारी पड़ने वाला है? आइए जानते हैं...

अमेरिका की नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन यानी NOAA के डेटा के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को प्रशांत महासागर के मध्य भूमध्यरेखीय हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले साल 2015 में यहां सबसे अधिक तापमान 29.82°C दर्ज किया गया था. वैज्ञानिक अल नीनो की स्थित पर नजर रखने के लिए इसी क्षेत्र के तापमान को खास तौर पर मॉनिटर करते हैं. उपलब्ध रिकॉर्ड में पहली बार इस स्तर का तापमान रिकार्ड किया गया है.

WMO का अनुमान है कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर का तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है. अल नीनो का असर दिसंबर के आसपास सबसे ज्यादा रहने की संभावना है. इसके प्रभाव अगले साल की शुरुआत तक भी बने रह सकते हैं.

आखिर क्या है El Nino और क्यों बढ़ रही है चिंता?

अल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है. इसमें प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का पानी नार्मल से ज्यादा गर्म हो जाता है. इससे समुद्र के ऊपर चलने वाली हवाओं और बारिश वाले बादलों की दिशा में बदलाव आ सकता है. यही वजह है कि इसका असर सिर्फ प्रशांत महासागर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के मौसम पर भी पड़ सकता है.

इस बार अल नीनो की स्थिति कापी मजबूत होती दिखाई दे रही है. WMO के डेटा के अनुसार, Nino 3.4 क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान जून में सामान्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा था. अगस्त तक यह अंतर बढ़कर 2.5 डिग्री सेल्सियस हो गया. अनुमान है कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच यह अंतर करीब 3.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. ऐसा होने पर नवंबर 2015 से जनवरी 2016 के बीच दर्ज सामान्य से 2.6 डिग्री ज्यादा तापमान का पिछला रिकॉर्ड भी पीछे छूट सकता है. बता दें कि ये डेटा समुद्र के वास्तविक तापमान को नहीं, बल्कि लंबे समय के औसत तापमान से उसके अंतर को दिखाते हैं.

भारत में बारिश और गर्मी पर क्या होगा असर?

भारत के लिए भी अल नीनो की मजबूत होती स्थिति चिंता का विषय है. इसकी वजह यह है कि अल नीनो का संबंध भारतीय मानसून में होने वाले बदलावों से रहा है. लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार इसके आने से भारत में बारिश कम ही होगी. IMD के अनुसार, 2026 में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान देश में सामान्य से लगभग 13 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई. अब WMO के अक्टूबर के पूर्वानुमान में भी आने वाले महीनों के दौरान दक्षिण एशिया के बड़े हिस्से में सामान्य से ज्यादा तापमान रहने की आशंका जताई गई है.

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बारिश को लेकर भी कुछ क्षेत्रों में चिंता बनी हुई है. अक्टूबर से दिसंबर के बीच मध्य और दक्षिणी प्रायद्वीपीय दक्षिण एशिया के बड़े हिस्से में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है. ऐसे में कुछ इलाकों में सूखे जैसे हालात और बढ़ती गर्मी का खतरा बढ़ सकता है. लेकिन, भारत के मौसम पर सिर्फ अल नीनो का असर नहीं पड़ता. दूसरे जलवायु कारक और स्थानीय परिस्थितियां भी बारिश और तापमान को प्रभावित करती हैं. फिर भी प्रशांत महासागर का असामान्य रूप से गर्म होना मौसम में बड़े बदलावों का जोखिम बढ़ा सकता है.

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उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
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