उत्तराखंड में मौसम का तांडव! देहरादून में पिछले 24 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी, 5 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
यूपी के बाद अब पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी मौसम ने खतरनाक करवट ली है. मौसम विभाग ने नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत और चमोली जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है.
उत्तराखंड मौसम अलर्ट: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है. प्रदेश के मैदानी जिलों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, तो पहाड़ों की ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है. सुबह से जारी बारिश के कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है और ठंड बढ़ गई है. मौसम विभाग ने शुक्रवार 30 अक्टूबर के लिए प्रदेश के पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
इन 5 जिलों में सबसे ज्यादा असर
IMD के अनुसार नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जिले में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है. इनमें बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और चंपावत के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है. जबकि चमोली समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ ओले गिरने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है. इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. विभाग का कहना है कि प्रदेश के बाकी जिलों में भी कहीं-कहीं गरज-चमक और तेज हवाओं का असर दिखेगा. 3200 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. यह सिलसिला 2 नवंबर तक बने रहने के आसार हैं.
पिछले 24 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी
राजधानी देहरादून में पिछले 24 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी. कई जिलों में अभी भी हल्की मध्यम बारिश हो रही है. बारिश होने की वजह से तापमान में गिरावट आई है. कई इलाकों में ठंड बढ़ी है. प्रदेश की ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला भी जारी है. बद्रीनाथ केदारनाथ की ऊंचाई वाली चोटियों पर बर्फबारी हो रही है.
नैनीताल में प्रशासन अलर्ट
मौसम की चेतावनी के बाद नैनीताल जिला प्रशासन हरकत में आ गया है. जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं. सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे मोबाइल ऑन रखने और अपने कार्यक्षेत्र में ही तैनात रहने को कहा गया है. आपदा कंट्रोल रूम को पूरी तरह एक्टिव रखने के आदेश दिए गए हैं ताकि किसी भी इमरजेंसी में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके. डीएम ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम में बेवजह सफर नहीं करें और नदी-नालों के पास जाने से बचें.
चारधाम रूट पर खास नजर
आपदा प्रबंधन सचिव ने सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया है. उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा है. आदेश दिया गया है कि मौसम खराब होने पर यात्रियों को सुरक्षित जगहों पर रोका जाए और लगातार रूट की मॉनिटरिंग की जाए. ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग और पर्यटन गतिविधियों पर भी नजर रखने और रेस्क्यू टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.
मैदान से लेकर पहाड़ तक बढ़ी ठंड
बर्फबारी के बाद चारधाम सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में जबरदस्त ठंड लौट आई है. मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश से दिन का तापमान नीचे आ गया है और लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए हैं. लगातार बारिश से पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन और आवाजाही बाधित होने की भी आशंका है, इसलिए प्रशासन ने लोगों से पहाड़ों पर जाने से पहले मौसम अपडेट जरूर चेक करने की सलाह दी है.