SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

सरकारी विभागों पर 539 करोड़ बिजली बिल बकाया, CM धामी ने भुगतान में तेजी के दिए निर्देश

उत्तराखंड के सरकारी विभागों पर बिजली बिल का करोड़ों रुपये बकाया है. मुख्यमंत्री धामी ने गुरुवार को सचिवालय में यूपीसीएल और पिटकुल की समीक्षा बैठक के दौरान लंबित बिजली बिलों के भुगतान में तेजी लाने के निर्देश दिए.

Edited By Preeti Chauhan
Published: Oct 30, 2026, 10:00 AM IST | Updated: Oct 30, 2026, 10:05 AM IST
Image Credit: Uttarakhand News
Join

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (PTCUL) के कामकाज और वित्तीय स्थिति की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में दोनों ऊर्जा निगमों की वर्तमान वित्तीय स्थिति, आ रही चुनौतियों, लंबित देनदारियों और विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से मंथन किया गया. बैठक में बताया गया कि 30 सितंबर 2026 तक विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली बिल के रूप में करीब 539.61 करोड़ रुपये बकाया हैं.

सरकारी विभागों पर है 539 करोड़ से अधिक का बकाया

बैठक के दौरान यह जानकारी सामने आई कि 30 सितंबर, 2026 तक विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली बिलों के रूप में लगभग 539.61 करोड़ रुपये की धनराशि बकाया है. इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री धामी ने सभी संबंधित विभागों के लंबित विद्युत बिलों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही, अनुपूरक बजट में स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष करीब 166 करोड़ रुपये की शेष राशि तत्काल उपाकालि (UPCL) को अवमुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भुगतान की प्रक्रिया तेज हो सके.

सरकारी दफ्तरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी

केंद्र सरकार की आरडीएसएस (RDSS) योजना के तहत पहले चरण में प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों और भवनों में लगे स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में बदलने पर जोर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने इसके लिए आवश्यक बजट आवंटन को प्राथमिकता देने और समयबद्ध तरीके से प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं.

सर्दियों में बिजली आपूर्ति को लेकर भी चर्चा

बैठक में सर्दियों के दौरान प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधानों पर भी विचार किया गया. मुख्यमंत्री ने यूपीसीएल और पिटकुल को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और लंबित देनदारियों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए.इसके अलावा उत्तर प्रदेश के साथ परिसंपत्तियों और देनदारियों के बंटवारे से जुड़े मामलों, विभिन्न विकास कार्यों के भुगतान और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के तहत आपदा से संबंधित कार्यों की लंबित धनराशि पर भी चर्चा हुई.बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु और मीनाक्षी सुंदरम सहित ऊर्जा विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

उत्तराखंड में मौसम का तांडव! नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में भारी बारिश-बर्फबारी का अलर्ट, ठंड ने पकड़ी रफ्तार

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

प्रीति चौहान जीन्यूज में पत्रकार हैं, उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड डिजीटल टीम में  ब्रेकिंग, हाइपरलोकल, क्राइम, और अन्य मुद्दों को लेकर खबरें लिखती हैं. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES