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आजम-अब्दुल्ला की रिहाई का काउंटडाउन शुरू, पर जेल के गेट पर अटका ये एक पेंच, जानिए क्यों हो सकती है देरी?

आजम खान और अब्दुल्ला आजम की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है. सूत्रों के मुताबिक, हाईकोर्ट से जमानत के बाद अब जेल से बाहर शनिवार को आजम खान जेल से बाहर आ सकते हैं. दोनों की रिहाई के कुछ आदेश रामपुर जेल पहुंच गए हैं.

Written By Pooja Singh
Published: Oct 31, 2026, 07:06 AM IST | Updated: Oct 31, 2026, 07:21 AM IST
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समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला की रिहाई तय है. सूत्रों का कहना है कि शनिवार को दोनों जेल से बाहर आ सकते हैं. रामपुर कोर्ट के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (Criminal Revision Petition) दायर की गई थी. जिसपर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पिता-पुत्र दोनों को दो पैन कार्ड मामले में जमानत दे दी.

इस फैसले के बाद उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है. रिहाई के शुरुआती आदेश (रिहाई परवाने) रामपुर जेल प्रशासन तक पहुंच भी चुके हैं.

इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला

15 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस समित गोपाल की एकल पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, एनआई जाफरी और एडवोकेट शाश्वत आनंद की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था. कोर्ट ने निर्णय सुनाते हुए आजम खान और उनके बेटे की सजा को तो निलंबित (Sentence Suspended) कर दिया, लेकिन उनकी दोषसिद्धि (Conviction) पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया.

इसका सीधा मतलब यह है कि निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराया जाने का फैसला कानूनन बरकरार रहेगा, लेकिन जब तक उच्च अदालत में इस मामले का अंतिम निस्तारण नहीं होता, तब तक दोनों जमानत पर बाहर रह सकते हैं.

क्या था दो पैन कार्ड का मामला?

यह पूरा विवाद साल 2019 का है, जब बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने एफआईआर दर्ज कराई थी. आरोप था कि अब्दुल्ला आजम ने चुनाव लड़ने के लिए अपनी सही उम्र छिपाने और गलत फायदा उठाने के लिए दो अलग-अलग जन्म तिथियों वाले पैन कार्ड बनवाए और उनका इस्तेमाल किया. इस आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी में आजम खान को भी नामजद किया गया था.

इस मामले की सुनवाई करते हुए रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों को दोषी पाया था और आजम खान को 10 साल और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 7 साल की कैद की सजा सुनाई थी.

जेल से बाहर आने में कितना समय?

नवंबर 2025 से रामपुर जिला कारागार में बंद दोनों सपा नेताओं के लिए रिहाई के आदेश जारी हो चुके हैं. रामपुर कोर्ट से शुरुआती चरण में पांच मामलों में रिहाई के परवाने जेल प्रशासन को मिल गए हैं. हालांकि, जेल में रहने के दौरान आजम परिवार ने अपने खिलाफ दर्ज कई अन्य मुकदमों में भी पुरानी जमानतें तुड़वा ली थीं. इसी वजह से अब समर्थकों और कानूनी टीम को बाकी सभी मुकदमों में नए जमानतियों के सत्यापन (Verification) और बाकी बची अदालती कागजी औपचारिकताओं को पूरा करना होगा.

जैसे ही सभी मुकदमों में सत्यापन का काम पूरा होगा, वैसे ही आजम खान और अब्दुल्ला आजम रामपुर जेल से बाहर आ जाएंगे.

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About the Author

पूजा सिंह डिजिटल पत्रकार हैं और ज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड (Zee UP-UK) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली से ताल्लुक रखने वाली पूजा को मीडिया जगत में 5 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है. वे उत्तर प्रदेश की हाइपर-लोकल खबरों, क्राइम, प्रशासनिक गतिविधियों, राजनीतिक उठापटक और खेल जगत के मुद्दों पर पैनी नजर रखते हैं. खबरों की गहराई, ग्राउंड रियलिटी और तथ्य-आधारित डिजिटल कवरेज के लिए वे जाने जाते हैं.पूजा के पास डेस्क एडिटिंग का व्यावहारिक अनुभव है.  स्थानीय प्रशासन, जनसमस्याओं और राजनीतिक हलचलों की बेहतर समझ उन्हें ज़मीनी वास्तविकताओं को सटीक रूप से प्रस्तुत करने में मदद करती है. ज़ी मीडिया से पहले उन्होंने भारत के लिडिंग हिंदी न्यूज़ चैनल टीवी 9 डिजिटल और न्यूज नेशन में काम करने का अनुभव है. पूजा ने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है.पूजा सिंह से आप pooja.singh@india.com पर सीधे ईमेल कर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप पूजा से एक्स (ट्विटर) और लिंक्डइन पर कनेक्ट कर सकते हैं.
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