SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

इंस्टाग्राम पर खौफनाक स्कैम: 1 रुपये में सस्पेंस ड्रामा देखने का झांसा... और हो गया खेल! ये काम नहीं किया तो पाई-पाई को मोहताज हो जाएंगे

इंस्टाग्राम पर 1 रुपये में सस्पेंस ड्रामा दिखाने का झांसा देकर बैंक खाते खाली करने वाला नया स्कैम सामने आया है. जानिए कैसे बिना ओटीपी के पैसे कट रहे हैं और इससे बचने के लिए यूपीआई मैंडेट कैसे बंद करें.

Written By Mohit Chaturvedi
Published: Oct 26, 2026, 08:50 AM IST | Updated: Oct 26, 2026, 09:51 AM IST
Image Credit: ठगों ने लोगों को जाल में फंसाने का ऐसा नायाब तरीका निकाला है जिसमें बिना किसी ओटीपी के हजारों रुपये गायब हो रहे हैं.
Join

अगर आपको भी इंस्टाग्राम पर रील्स देखने की बुरी आदत है और आप उन सस्पेंस भरी कहानियों के दीवाने हैं जो बीच में ही रुक जाती हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. सोशल मीडिया की इस रंगीन दुनिया में इन दिनों एक ऐसा खतरनाक खेल चल रहा है जिसके बारे में जानकर आपके होश उड़ जाएंगे. साइबर ठगों ने अब लोगों को लूटने का एक ऐसा नायाब तरीका ढूंढ निकाला है जो सिर्फ एक रुपये से शुरू होता है और देखते ही देखते आपका पूरा बैंक खाता खाली कर देता है. सबसे डरावनी बात यह है कि इस पूरी ठगी में किसी भी तरह के ओटीपी (OTP) की जरूरत नहीं पड़ती है. यूजर को तो भनक तक नहीं लगती और उसके बैंक अकाउंट से हर महीने चुपचाप पैसे कटते रहते हैं.

सिर्फ 1 रुपये का छोटा सा ऑफर और शुरू हो जाती है बर्बादी
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई अपना खाली वक्त बिताने के लिए इंस्टाग्राम या दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील्स देखना पसंद करता है. खासकर आज का यूथ थ्रिलर, हॉरर या सस्पेंस भरी कहानियों वाले वीडियो पर बहुत जल्दी आकर्षित हो जाता है. ठगों ने इसी बात को अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया है.

होता यह है कि आपके सामने अचानक कोई ऐसा वीडियो आता है जिसकी कहानी बहुत ज्यादा दिलचस्प होती है. आप उसे बड़े मजे से देख रहे होते हैं कि तभी वीडियो के बिल्कुल आखिर में क्लाइमेक्स के ठीक पहले वह बंद हो जाता है. स्क्रीन पर लिखा आता है कि अगर आप पूरी कहानी या उस फिल्म का क्लाइमेक्स देखना चाहते हैं, तो बस 1 रुपये का ऑनलाइन पेमेंट करें.

ज्यादातर युवा यही सोचते हैं कि भला एक रुपया देने में क्या ही नुकसान है? कौन सा कोई बहुत बड़ा पहाड़ टूट जाएगा. लोग बिना ज्यादा सोचे-समझें अपने फोनपे, गूगल पे या किसी दूसरे यूपीआई ऐप से झटपट एक रुपये का भुगतान कर देते हैं. बस, यहीं पर इंसान बहुत बड़ी गलती कर बैठता है और ठगों के बिछाए हुए शातिर जाल में पूरी तरह फंस जाता है.

पर्दे के पीछे का खेल: बिना ओटीपी के कैसे गायब हो रहे हैं पैसे?
आम आदमी यही समझता है कि उसने सिर्फ एक रुपये की कोई छोटी सी टिकट या फीस चुकाई है. लेकिन पर्दे के पीछे खेल कुछ और ही चल रहा होता है. वह एक रुपये का भुगतान कोई साधारण और सीधा लेनदेन नहीं होता है, बल्कि वह एक छुपा हुआ 'यूपीआई ऑटो-डेबिट एग्रीमेंट' यानी मैंडेट होता है.

तकनीकी भाषा में इसे समझें तो जैसे ही आप उस एक रुपये का भुगतान करते हैं, आप अनजाने में उस स्कैमर्स के ऐप या सर्विस को यह परमिशन दे देते हैं कि वह आपके बैंक खाते से हर महीने या बार-बार बिना आपकी इजाजत के पैसे काट सके.

इसके बाद असली मुसीबत शुरू होती है. आपके फोन पर कोई ओटीपी (OTP) नहीं आता, बैंक की तरफ से कोई घंटी नहीं बजती, और सीधे आपके खाते से 500 रुपये, 1000 रुपये या 3000 रुपये कटने शुरू हो जाते हैं. जब तक यूजर को इस बात का अहसास होता है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है और बैंक का बैलेंस लगभग साफ हो चुका होता है.

इस खौफनाक स्कैम को कैसे पहचानें?
यह ऑनलाइन फ्रॉड पूरी तरह से इंसानी जल्दबाजी और छोटी रकम के भरोसे का फायदा उठाता है. ठग अच्छी तरह जानते हैं कि अगर वे किसी से सीधे तौर पर हजार-दो हजार रुपये मांगेंगे, तो कोई भी शख्स सतर्क हो जाएगा और पैसे नहीं देगा. लेकिन जब बात सिर्फ एक रुपये या पांच रुपये की होती है, तो इंसान बिना दिमाग लगाए पेमेंट कर देता है.

जब भी आप किसी अनजान सोशल मीडिया लिंक, विज्ञापन या ऐप पर बहुत ही कम दाम यानी 1 रुपये या 5 रुपये में पूरी फिल्म, वेब सीरीज या कोई सस्पेंस ड्रामा देखने का ऑफर देखें, तो समझ जाइए कि दाल में कुछ बहुत बड़ा काला है. दुनिया में कोई भी इंसान या कंपनी एक रुपये में आपको कोई प्रीमियम चीज नहीं बेचेगी. यह सिर्फ और सिर्फ आपके बैंक खाते में सेंध लगाने का एक गंदा तरीका है.

फोन पर कैसे चेक करें और बंद करें यह खतरनाक स्कैम?
अगर आपको यह डर सता रहा है कि जाने-अनजाने आपने भी कभी ऐसा कोई पेमेंट कर दिया होगा, तो घबराइए मत. आप अभी बैठे-बैठे अपने स्मार्टफोन की सेटिंग्स चेक करके इस खतरे को टाल सकते हैं. चाहे आप पेटीएम इस्तेमाल करते हों, गूगल पे, फोनपे या कोई दूसरा यूपीआई ऐप, हर ऐप में एक ऐसी जगह होती है जहां आपके सभी एक्टिव ऑटो-पे या मैंडेट्स की पूरी जानकारी मौजूद होती है. इसे ठीक करने के लिए आपको कुछ आसान से कदम उठाने होंगे:

थोड़ी सी समझदारी बचा लेगी आपकी गाढ़ी कमाई
आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन ठगी करने वाले रोज नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं. इस तरह के डिजिटल फ्रॉड से बचने का सबसे पक्का और अचूक तरीका यही है कि आप ऑनलाइन पेमेंट करते वक्त सौ बार सोचें. किसी भी लुभावने, सस्ते या अजीब ऑफर के झांसे में आकर अपनी बैंक डिटेल्स, यूपीआई पिन या किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें.

सिर्फ आप ही नहीं, बल्कि अपने दोस्तों, घर के छोटे बच्चों और बुजुर्गों को भी इस नए स्कैम के बारे में जरूर बताएं क्योंकि वे अक्सर ऐसी चिकनी-चुपड़ी बातों और सस्ते ऑफर्स का शिकार बहुत जल्दी बन जाते हैं. अपने फोन में महीने में कम से कम एक बार यह चेक करते रहना बहुत जरूरी है कि आपके बैंक खाते से कौन-कौन से ऑटोमैटिक पेमेंट जुड़े हुए हैं. थोड़ी सी सावधानी और समझदारी आपको और आपके पूरे परिवार को इस बड़ी ऑनलाइन लूट से बिल्कुल सुरक्षित रख सकती है. 

Add Zee News as a Preferred Source

About the Author

मोहित चतुर्वेदी डिजिटल न्यूज मीडिया में 16 से अधिक वर्षों का एक्सपीरियंस रखने वाले एक वरिष्ठ टेक जर्नलिस्ट हैं, जो वर्तमान में Zee News में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में टेक्नोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्मार्टफोन रिव्यू, गैजेट एनालिसिस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और साइबर सुरक्षा में गहरी विशेषज्ञता रखने वाले मोहित ने Apple, Samsung, OnePlus, Vivo और Xiaomi जैसे टॉप ब्रांड्स के फ्लैगशिप डिवाइसों का गहन और निष्पक्ष इन-डेप्थ रिव्यू किया है. अंतरराष्ट्रीय टेक इवेंट्स की ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव रखने वाले मोहित ने लंदन में 'Nothing Phone' और आयरलैंड के बेलफास्ट में 'Realme' के ग्लोबल लॉन्च इवेंट्स को कवर किया है, और इससे पहले वे NDTV, आजतक और दैनिक भास्कर जैसे देश के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में टेक जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं. जटिल तकनीकी बारीकियों को बेहद आसान भाषा में डिकोड करने के लिए पहचाने जाने वाले मोहित से सीधे Mohit.chaturvedi@zeemedia.com पर ईमेल के जरिए या उनके एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल्स पर कनेक्ट किया जा सकता है.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES